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नर्मदा परिक्रमा: नर्मदा नदी और प्रकृति बचाने निराहार परिक्रमा कर रहे संत दादागुरु, 27 माह से पानी पीकर कर रहे पैदल यात्रा

मुकेश मेहता, बुदनी। नर्मदा परिक्रमा तो बहुत होती है, लेकिन यह अनोखी नर्मदा परिक्रमा (Narmada Parikrama) जिसमें 27 महीने से सिर्फ नर्मदा जल पीकर पैदल चल रहे है। हम बात कर रहे संत दादा गुरु (धूनी वाले) की। जिन्होंने 17 अक्टूबर 2020 से नर्मदा परिक्रमा शुरू की थी। जिनका मूल उद्देश्य नर्मदा नदी को दुष्परिणामों से बचाना है।

बुधवार को यहां यात्रा मध्यप्रदेश के सीहोर जिले (Sehore) के बुधनी विधानसभा (Budhni) पहुंची। इस दौरान जगह-जगह दादा गुरु का भव्य स्वागत किया गया। इनके दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके साथ ही रात्रि में दादा गुरु के प्रवचन सुनने भी लोग पहुंच रहे हैं।

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बता दें कि संत दादा गुरु ने इसके पहले भी प्रकृति (Nature) और नर्मदा नदी (Narmada River) को बचाने के लिए दो लाख किलोमीटर की जन जागरण यात्रा (Jan Jagran Yatra) निकाल चुके हैं।

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