शब्बीर अहमद, भोपाल: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मौसम का एक और मजबूत दौर देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 18 से 21 सितंबर तक झमाझम बारिश, आंधी और तेज गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी। इसके बाद 22 सितंबर से बारिश के थमने और गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।
सितंबर के आखिरी सप्ताह से शुरू होगी विदाई
मानसून अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। सितंबर के अंतिम सप्ताह से पश्चिमी राजस्थान से मानसून की आधिकारिक विदाई प्रक्रिया शुरू होने का अनुमान है। हालांकि, तब तक मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता पूरी तरह बनी रहेगी और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा।
37 जिलों को अंतिम दौर की बारिश से उम्मीदें
इस साल मानसून का वितरण प्रदेश में काफी असमान रहा है। अब तक राज्य के केवल 18 जिलों में ही सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके विपरीत इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों समेत कुल 37 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। आलीराजपुर जिले की स्थिति सबसे खराब है, जहां सामान्य कोटे की आधी बारिश भी नहीं हो सकी है।मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि विदाई से पहले 21 सितंबर तक होने वाली यह बारिश कम पानी वाले जिलों के जलस्तर में सुधार लाएगी और किसानों को बड़ी राहत पहुंचाएगी।
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