सोहराब आलम/मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के बंजरिया थाना क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रहे एक शिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मोतिहारी सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर शव रखकर मोतिहारी-ढाका मुख्य सड़क जाम कर दी। घटना की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। मृतक की पहचान बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पूर्वी निवासी समसाद आलम के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक समसाद आलम सिसवा उर्दू स्कूल में शिक्षक थे। गुरुवार को स्कूल में पढ़ाने के बाद वह घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गए। करीब पांच घंटे बाद पुलिस की ओर से परिजनों को सूचना दी गई कि समसाद सदर अस्पताल में हैं। परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां उनका शव मिला।

जानें किसपर लगाया आरोप

मृतक के पिता मो. रफीस ने बंजरिया प्रखंड के पूर्व प्रमुख चमन और उसके समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मिट्टी कटाई को लेकर चमन से परिवार का लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस मामले में समसाद ने शिकायत भी की थी। आरोप है कि इसके बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। परिजनों का दावा है कि स्कूल से लौटते समय समसाद को चमन और उसके साथियों ने रास्ते से उठाया और मारपीट कर उनकी हत्या कर दी। परिजनों ने बंजरिया थाना पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पिता के अनुसार, बेटा लापता होने के बाद वह करीब साढ़े चार बजे थाने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां उनकी शिकायत गंभीरता से नहीं ली गई और गलत सूचना देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई। करीब पांच घंटे बाद थाना से अस्पताल में बेटे के होने की सूचना मिली। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। सूचना पर सदर एसडीओ अरुण कुमार, डीएसपी दिलीप कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था।