दीपक कौरव, नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और आस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत महंगवा के दमोहिया गांव में भगवान शिव का करोड़पति शिवलिंग खुले आसमान के नीचे, तपती धूप में लावारिस हालत में पड़ा हुआ है। आरोप है कि मंदिर के नाम पर दर्ज 18 एकड़ बेशकीमती जमीन के लालच में ट्रस्टियों ने मंदिर का निर्माण कार्य अधर में लटका दिया है और सारी आय खुद हड़प रहे हैं।
शिव मंदिर के नाम पर लगभग 18 एकड़ कृषि भूमि
ग्रामीणों के अनुसार, दमोहिया गांव स्थित शिव मंदिर के नाम पर लगभग 18 एकड़ कृषि भूमि दर्ज है। इस जमीन से होने वाली आय से ही भगवान भोलेनाथ के पुराने खपड़ैल मंदिर का संचालन और रखरखाव होना था। जब पुराना मंदिर जर्जर हो गया और उसमें बड़ी-बड़ी दरारें आने के बाद वह जमीदोज हो गया, तब ट्रस्ट ने नए मंदिर की नींव रखकर भगवान को नए परिसर में विराजमान करने का निर्णय लिया था।
नया मंदिर नहीं बन पाया
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रस्ट का संचालन करने वाले मुखियाओं के मन में लालच आ गया। उन्होंने मंदिर की 18 एकड़ बेशकीमती जमीन पर अपना हक साधना शुरू कर दिया और उससे होने वाली आय को अपनी जेब में भरने लगे। नतीजतन, नया मंदिर तो नहीं बन पाया और भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग गांव के एक कोने में खुले आसमान के नीचे बिना छत और सुरक्षा के रहने को मजबूर है।
मंदिर की संपत्ति का जमकर दुरुपयोग
इस पूरे मामले पर मंदिर ट्रस्टी अरविंद शुक्ला का कहना है कि उन्होंने मंदिर के कार्य के लिए अपनी तरफ से 6 लाख रुपये की राशि लगाई है। वहीं, ग्रामीण शशिभूषण विश्वकर्मा व अन्य रहवासियों का कहना है कि ट्रस्टियों के निजी स्वार्थ के कारण भगवान की यह दुर्गति हुई है। मंदिर की संपत्ति का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है।
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एसडीएम कार्यालय में शिकायत और मांग
इस गंभीर स्थिति से आहत होकर दमोहिया गांव के लोगों ने एकजुट होकर तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रमुख मांगें की हैं। मंदिर का संचालन कर रहे ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए। मंदिर और उसकी 18 एकड़ जमीन की बागडोर प्रशासन अपने हाथों में ले। भगवान शिव के नए मंदिर का शीघ्र निर्माण कराया जाए ताकि शिवलिंग को विधिवत स्थापित कर नियमित रूप से पूजा-अर्चना शुरू हो सके। सोनू चौधरी एसडीएम, तेंदूखेड़ा ने ग्रामीणों की शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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