Mundawar ACB Bribery Case: राजस्थान के मुण्डावर पंचायत समिति में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की भिवाड़ी चौकी ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए विकास अधिकारी संजय कुमार यादव और कनिष्ठ सहायक रितिक कुमार सिंह को 65 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

आरोप है कि परिवादी की फर्म के सफाई ठेकों और पाइपलाइन कार्य से जुड़े बिलों की माप पुस्तिका (MB) भरवाने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की।

सफाई ठेकों और पाइपलाइन के बिलों से जुड़ा मामला

एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार, परिवादी ने भिवाड़ी चौकी में शिकायत दी थी कि उसकी फर्म मैसर्स अमनदीप को मुण्डावर पंचायत समिति की ओर से ग्राम पंचायत मातौर और ग्राम पंचायत नगंली ओजा में सफाई के ठेके मिले थे। इसके अलावा फर्म ने पाइपलाइन का काम भी किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इन ठेकों और पाइपलाइन कार्य से संबंधित बिलों की माप पुस्तिका भरवाने के बदले विकास अधिकारी संजय कुमार यादव ने 65 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल

महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 23 अक्टूबर को रिश्वत मांगने के आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान विकास अधिकारी संजय कुमार यादव के रिश्वत की राशि लेने के लिए सहमत होने की बात सामने आई। इसके बाद ब्यूरो ने आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित, एसीबी जयपुर प्रथम के सुपरविजन में भिवाड़ी चौकी प्रभारी और ट्रैप अधिकारी पुलिस निरीक्षक सुरजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।

65 हजार रुपये लेते समय दोनों गिरफ्तार

एसीबी टीम ने परिवादी को रिश्वत की रकम लेकर आरोपियों के पास भेजा। जैसे ही 65 हजार रुपये की राशि विकास अधिकारी संजय कुमार यादव और कनिष्ठ सहायक रितिक कुमार सिंह को दी गई, टीम ने दोनों को मौके पर पकड़ लिया। ब्यूरो के अनुसार, दोनों को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत होगी आगे की जांच

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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