मुजफ्फरपुर। जिले के करजा थाना क्षेत्र के पकड़ी इलाके में नहर से एक करियर कंसल्टेंट का संदिग्ध अवस्था में शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान पताही विश्वनाथ गांव के रहने वाले रमाकांत ठाकुर के 42 वर्षीय बड़े बेटे राहुल ठाकुर के रूप में हुई है। राहुल वर्तमान में पटना में किराए के मकान में रहकर मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के नामांकन से जुड़ा काम करते थे। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
कार के अंदर मिले खून के निशान और कलाई पर कट
घटनास्थल पर पुलिस को राहुल की कार नहर के किनारे लावारिस हालत में खड़ी मिली। गाड़ी अंदर से पूरी तरह लॉक थी। जब पुलिस ने जांच की तो कार की स्टीयरिंग और सीटों पर खून के धब्बे पाए गए। इसके अलावा गाड़ी के अंदर से एक ब्लेड, मृतक की चप्पल और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि राहुल के बाएं हाथ की कलाई पर कट का गहरा निशान मिला है, जिससे अत्यधिक खून बहने की आशंका जताई जा रही है।
पैसों के लेनदेन के विवाद की बात आ रही सामने
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि राहुल हाल ही में अपने घर आए हुए थे। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वे मेडिकल दाखिलों के सिलसिले में पैसों के लेनदेन के काम से जुड़े थे। पुलिस इस बात की भी गंभीरता से जांच कर रही है कि क्या इस वित्तीय विवाद के पीछे किसी रंजिश या हत्या की साजिश तो नहीं है। एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार और आसपास के इलाकों से जरूरी साक्ष्य और सैंपल एकत्र कर लिए हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से उठेगा मौत के राज से पर्दा
पुलिस के लिए यह गुत्थी उलझती जा रही है कि कलाई पर लगा कट खुद लगाया गया था या किसी ने हमला किया था, और कार के अंदर मिले खून का इस घटना से क्या ताल्लुक है। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के असली कारणों और शरीर पर मौजूद जख्मों की प्रकृति का सटीक खुलासा विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

