कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाना की पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है। यह मामला तकनीकी धोखाधड़ी और बैंक खातों के अवैध इस्तेमाल का एक नया तरीका उजागर करता है, जहां भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते हैं और फिर उनका इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए किया जाता है।

​कैसे खुला ठगी का यह पूरा खेल?

​यह पूरा मामला करजा थाना क्षेत्र के रहने वाले रूपेश कुमार से जुड़ा है। साइबर ठगी गिरोह के एक शातिर सदस्य ने रूपेश कुमार को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर उनके नाम पर एक नया बैंक खाता खुलवा दिया। खाता खुलवाने के बाद ठगों ने चुपचाप उस बैंक खाते में अपना दूसरा मोबाइल नंबर लिंक करवा लिया।
​मोबाइल नंबर बदलते ही ठगों के पास बैंक खाते से जुड़े सारे अपडेट और ओटीपी आने लगे। इसके बाद आरोपी इस बैंक खाते के एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करके अलग-अलग और विभिन्न लोगों के अवैध पैसों की निकासी करने लगे। जब रूपेश कुमार को इस पूरी घटना का एहसास हुआ और उन्हें समझ आया कि उनके नाम पर किसी बड़े खेल को अंजाम दिया जा रहा है, तो उन्होंने बिना देर किए मुजफ्फरपुर साइबर थाना में इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

​साइबर थाना की तकनीकी जांच और गिरफ्तारी

​रूपेश कुमार की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुजफ्फरपुर साइबर थाना ने तुरंत मामला दर्ज किया और मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी। साइबर पुलिस ने कॉल डिटेल, एटीएम लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर अपनी छानबीन आगे बढ़ाई।
​जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिसके आधार पर साइबर थाना की टीम ने वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मनीष कुमार नामक एक व्यक्ति को धर दबोचा। पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस बैंक खाते से लगभग पांच अलग-अलग लोगों के अवैध रुपये रूपेश कुमार के एटीएम के माध्यम से निकाले गए थे।

​अन्य मामलों और गिरोह के सदस्यों की तलाश जारी

​पुलिस की विस्तृत जांच में यह बात भी सामने आई कि इस अकेले बैंक खाते के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में पांच अन्य लोगों द्वारा भी मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह गिरोह काफी बड़े पैमाने पर सक्रिय है।
​गिरफ्तार मनीष कुमार से पूछताछ के दौरान पुलिस को इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां और सुराग मिले हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मनीष द्वारा दी गई जानकारियों के आधार पर गिरोह के बाकी बचे अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी और तकनीकी अनुसंधान किया जा रहा है। इस कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस बड़े साइबर नेटवर्क के कई और चेहरे बेनकाब होंगे।