मुजफ्फरपुर। जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र के राजवाड़ा डीह गांव में दहेज की मांग को लेकर एक 19 साल की नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आक्रोशित मायके वालों ने न्याय की गुहार लगाते हुए ससुराल पक्ष के मुख्य दरवाजे पर ही मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के बाद से मृतका का पति और अन्य ससुराल वाले घर छोड़कर फरार चल रहे हैं, जबकि पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

​मेले की प्रेम कहानी और विवादों भरी शादी

​मृतका की पहचान कांटी थाना क्षेत्र के रहने वाले रंजीत पासवान की पुत्री गुंजा कुमारी (19) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, साल 2024 में झपहां के पास सिमराहा चतुर्भुज गांव में लगे रुद्र महायज्ञ मेले के दौरान गुंजा और कुंदन कुमार की मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे यह जान-पहचान प्यार में बदल गई और दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली थी। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार 23 जनवरी 2026 को इनकी दोबारा शादी कराई गई थी। लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई थी।

​दहेज प्रताड़ना और हंगामे की पूरी रात

​मृतका की नानी सिया जानकी देवी ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शादी के बाद से ही कुंदन कुमार दहेज के लिए गुंजा को लगातार प्रताड़ित करता था। आने वाले धनतेरस के मौके पर मायके वालों की तरफ से दहेज का सामान देने की पूरी तैयारी चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही इस बड़ी अनहोनी को अंजाम दे दिया गया। करीब तीन महीने पहले भी विवाद होने के बाद गुंजा अपने मायके चली गई थी, जिसे बाद में पंचायत के फैसले के बाद वापस ससुराल लाया गया था।
​बुधवार देर रात करीब 12 बजे राजवाड़ा गांव के वार्ड सदस्य ने फोन पर गुंजा की मौत की दुखद सूचना मायके वालों को दी। इसके तुरंत बाद गांव में रहने वाली उसकी बुआ चंद्रकला देवी ने भी फोन कर बताया कि ससुराल वाले सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही कांटी से मायके वाले आनन-फानन में राजवाड़ा डीह पहुंचे। वहां गुंजा का शव एक कमरे में संदिग्ध हालत में पड़ा मिला और उसके गले पर साफ निशान बने हुए थे। यह भयानक मंजर देख परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया।

​ससुराल के दरवाजे पर अंतिम संस्कार और पुलिसिया एक्शन

​पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव मायके और ससुराल पक्ष के बीच पहुंचा, तो आक्रोशित परिजनों ने ससुराल के दरवाजे पर ही उसकी चिता सजाकर अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले में मृतका के मामा छोटू कुमार के बयान पर पुलिस को लिखित आवेदन सौंपा गया है। आवेदन में पति कुंदन कुमार, जेठ चंदन पासवान, ननद प्रियंका देवी और भाभी सुलेखा देवी को नामजद आरोपी बनाया गया है। घटना के सामने आने के बाद से पति समेत सभी आरोपी घर से फरार हैं।
​मुशहरी थानाध्यक्ष सुबोध कुमार मेहता ने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस को जैसे ही विवाहिता की मौत और हंगामे की सूचना मिली, टीम तुरंत मौके पर रवाना हो गई थी। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद ससुराल के दरवाजे पर शव जलाए जाने की इस नई घटना पर भी अलग से उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों ही महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से तफ्तीश कर रही है। अधिकारियों का साफ कहना है कि मौत के असल कारणों का राजफाश केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और पुलिस की पूरी जाँच के बाद ही सामने आ पाएगा।