कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालू घाट ढलान के पास वार्ड 17 के पूर्व वार्ड पार्षद हरेंद्र कुमार सिंह के आवास पर देर रात अपराधियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं। अपराधियों ने फायरिंग करने के बाद 25 लाख रुपए की रंगदारी की मांग की है और मांग पूरी न होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
मध्य रात्रि में हुआ खौफनाक हमला
घटना के संबंध में पूर्व वार्ड पार्षद हरेंद्र कुमार सिंह ने सिकंदरपुर थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, बीती रात करीब 1:15 बजे धोबिया कुआं गली की तरफ से दो बाइकों पर सवार होकर तीन संदिग्ध युवक पहुंचे। उनके हाथों में पिस्तौल और रिवॉल्वर जैसे हथियार थे। अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से पहले उनके गोदाम पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिससे वहां छेद हो गया। इसके बाद बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी उनकी कार को निशाना बनाया, जिससे गाड़ी का शीशा बुरी तरह चकनाचूर हो गया।
गोली चलने की आवाज सुनकर जब पूर्व पार्षद हरेंद्र कुमार सिंह की आंख खुली, तो उन्होंने अपराधियों को गाली-गलौज करते हुए सुना। शोरगुल सुनकर उनके पुत्र अभिषेक कुमार पहली मंजिल की बालकनी में आए और विरोध करते हुए हल्ला मचाया। आरोप है कि बदमाशों ने अभिषेक को जान से मारने की नीयत से उनके ऊपर भी फायर झोंक दिया, गनीमत रही कि गोली उन्हें नहीं लगी और उनकी जान बाल-बाल बच गई। जब पूर्व पार्षद घर से बाहर निकले, तो उन पर भी गोली चलाने की कोशिश की गई, लेकिन गन का कारतूस मिसफायर हो गया।




नामजद आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले
पीड़ित पूर्व वार्ड पार्षद ने पुलिस को दिए आवेदन में तीन आरोपियों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज कराए हैं। उन्होंने सूरज कुमार उर्फ डब्बू (निवासी सिकंदरपुर), गोलू सेठ (निवासी बनारस बैंक चौक) और अभिषेक सिंह (निवासी गोला बांध रोड) को इस वारदात का मुख्य आरोपी बताया है। हरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि ये सभी शातिर किस्म के अपराधी हैं और इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।
घटना को अंजाम देने के बाद जब बदमाश मोटरसाइकिल से फरार हो रहे थे, तो जाते-जाते उन्होंने खुली धमकी दी कि 25 लाख देना ही होगा, यह तो सिर्फ एक ट्रेलर था, पूरी फिल्म अभी बाकी है। पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि घटनास्थल से भागने के ठीक आधे घंटे बाद अपराधियों ने उन्हें दोबारा फोन कर 25 लाख रुपए की फिरौती की मांग दोहराई। पूर्व पार्षद ने उस धमकी भरी कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंप दी है।
पुलिस की कार्रवाई और मौके से बरामदगी
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की गहन छानबीन की। पुलिस ने जांच के दौरान मौके से तीन जिंदा या खाली खोखे (कारतूस) बरामद किए हैं, जिससे साबित होता है कि बदमाशों ने चार राउंड से अधिक फायरिंग की थी।
सिकंदरपुर थाना पुलिस ने पीड़ित के लिखित आवेदन के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। इन बदमाशों का मुख्य पेशा रंगदारी वसूलना और छीन-झपट की वारदातों को अंजाम देना रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

