कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। ऐतिहासिक लंगट सिंह (एलएस) कॉलेज में प्रस्तावित नए मुख्य द्वार (गेट) के निर्माण को लेकर छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है। कॉलेज के मूल स्वरूप और उसकी ऐतिहासिक धरोहर से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए स्थानीय छात्रों, शिक्षकों और समाजसेवियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर जिले के जनप्रतिनिधि भी अब खुलकर सामने आ गए हैं। बुधवार को कांटी विधायक सह पूर्व मंत्री ई. अजीत कुमार, नगर विधायक रंजन कुमार और मीनापुर विधायक अजय कुमार ने संयुक्त रूप से मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव से मुलाकात की। तीनों विधायकों ने एलएस कॉलेज में बन रहे नए प्रवेश द्वार के निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की जोरदार मांग की है।
ऐतिहासिक विरासत और शैक्षणिक गरिमा से समझौता नहीं
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में तीनों जनप्रतिनिधियों ने विषय की गंभीरता और जनभावनाओं से अवगत कराया। विधायकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लंगट सिंह महाविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि मुजफ्फरपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान है। कॉलेज परिसर या उसकी संरचना में किसी भी प्रकार का नया निर्माण करते समय इसकी प्राचीन गरिमा, ऐतिहासिक विरासत और संबंधित प्रशासनिक नियमों का अक्षरशः पालन होना अत्यंत अनिवार्य है। विरासत के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनआक्रोश और आंदोलन के बाद हरकत में आए जनप्रतिनिधि
उल्लेखनीय है कि जैसे ही कॉलेज प्रशासन द्वारा नए मुख्य गेट का निर्माण कार्य शुरू कराया गया, वैसे ही स्थानीय छात्रों और बुद्धिजिवियों ने इसका पुरजोर विरोध किया। लोगों का तर्क है कि इस प्राचीन संस्थान की हर एक इमारत और संरचना को उसकी मूल अवस्था में ही संरक्षित रखा जाना चाहिए। विरोध बढ़ता देख और व्यापक आंदोलन की चेतावनी के बाद विधायकों ने मामले में दखल दिया।
जिलाधिकारी से तुरंत कार्रवाई और जांच की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कुमार गौरव से आग्रह किया कि जब तक इस निर्माण कार्य की पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। विधायकों ने अपनी कटिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों, शैक्षणिक गरिमा और जनहित की रक्षा करना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

