कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोबरसही चौक के पास हुई पीएनजी गैस पाइपलाइन ब्लास्ट की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में एक व्यक्ति की असामयिक मृत्यु हो गई, जबकि 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए बचाव और राहत कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू किया था, ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता मिल सके और स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
​हादसे की गंभीरता को देखते हुए कई वरिष्ठ मंत्रियों और स्थानीय विधायकों ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। सभी जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रोष व्यक्त किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई थी। जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय
जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है।

​एसआईटी का गठन और टीम के सदस्य

​गोबरसही पीएनजी गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले की तह तक जाने के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व मुजफ्फरपुर के सीनियर एसपी कांतेश मिश्रा खुद करेंगे। इस विशेष जांच दल में जिले के कई तेज-तर्रार और अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है ताकि जांच पारदर्शी और तेजी से पूरी हो सके। एसआईटी की टीम में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं:

​सीनियर एसपी कांतेश मिश्रा (नेतृत्वकर्ता)
​सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी
​नगर एसडीपीओ 2 दीपक कुमार
​पुलिस निरीक्षक अंजनी कुमार सिंह
​पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार
​सदर थाना प्रभारी
​अवर पुलिस निरीक्षक संजय कुमार

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जांच का दायरा और तकनीकी पहलु

​गठन के तुरंत बाद ही एसआईटी ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। टीम तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना के सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि आखिर पाइपलाइन में गैस रिसाव या ब्लास्ट किन कारणों से हुआ। इसके अलावा, कंपनी द्वारा दिए गए कार्य आदेश (वर्क ऑर्डर) और सुरक्षा मानकों (सेफ्टी स्टैंडर्ड्स) की भी कड़ाई से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी।

​जांच प्रक्रिया को पुख्ता बनाने के लिए एसआईटी कई वैज्ञानिक और स्थानीय तरीकों का इस्तेमाल कर रही है:

  • ​सीसीटीवी फुटेज: घटना के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि ब्लास्ट से ठीक पहले की गतिविधियों का पता चल सके।
  • ​स्थानीय बयान: चश्मदीदों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
  • ​पीड़ितों के परिजन: हादसे में हताहत हुए व्यक्ति और घायल हुए लोगों के परिवारों से मिलकर नुकसान का आकलन और साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।