मुजफ्फरपुर। इंस्टाग्राम पर हुई एक दोस्ती प्यार में बदली, जिसके बाद नाबालिग से शादी के चक्कर में एक 22 साल के युवक की जिंदगी और परिवार दोनों तबाह हो गए। कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई से ठीक चार दिन पहले युवक का शव उसके ही कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पहचान अलीनेउरा पंचायत के छेगन नेउरा गांव के रहने वाले इंद्रजीत कुमार के रूप में हुई है। शनिवार सुबह उसका शव घर के अंदर साड़ी के फंदे से संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिला था, जिसके बाद रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचा।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
मृतक इंद्रजीत की मां रेणु देवी ने बताया कि साल 2024 में उनके बेटे की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए उत्तर प्रदेश के जौनपुर की एक रहने वाली लड़की से बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की यह बातचीत प्यार में बदल गई। इसके बाद वह लड़की खुद चलकर मुजफ्फरपुर में इंद्रजीत के पास आ गई।
लड़की के घर से आने की भनक लगते ही उत्तर प्रदेश पुलिस मुजफ्फरपुर पहुंची और लड़की के साथ-साथ इंद्रजीत को भी अपने साथ गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
नाबालिग होने के कारण जाना पड़ा था जेल
मां ने आगे बताया कि लड़की के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने इंद्रजीत के खिलाफ संबंधित धाराओं में गंभीर मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। बेटे को जेल से बाहर निकालने और जमानत दिलाने के लिए परिवार को अपनी जमा-पूंजी से करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च करने पड़े।
यूपी कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 10 जुलाई 2024 को इंद्रजीत मामले की कानूनी सुनवाई के सिलसिले में उत्तर प्रदेश गया था। वहां उसकी मुलाकात एक बार फिर उसी लड़की से हो गई। लड़की ने दोबारा इंद्रजीत के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद दोनों वहां से दिल्ली चले गए। दिल्ली में दोनों ने मंदिर या अन्य जगह शादी कर ली और करीब छह महीने तक साथ रहे।
दिल्ली से दोबारा गिरफ्तारी और दो साल की जेल
रेणु देवी ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने दबिश देकर दोनों को दिल्ली से फिर से पकड़ लिया। पुलिस ने इस बार इंद्रजीत को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कानूनी प्रक्रिया और बेटे को छुड़ाने के संघर्ष में परिवार को इस बार करीब दो लाख रुपये और खर्च करने पड़े। वह लगभग दो साल तक जेल की सलाखों के पीछे रहा।
करीब तीन महीने पहले ही इंद्रजीत जमानत पर छूटकर अपने गांव मुजफ्फरपुर वापस लौटा था। परिवार को उम्मीद थी कि अब उनका बेटा सामान्य जिंदगी जीएगा और यह मुसीबतें पीछे छूट चुकी हैं। लेकिन परिवार से छिपकर इंद्रजीत एक बार फिर मोबाइल के जरिए उस लड़की के संपर्क में आ गया था।
मानसिक तनाव और आत्महत्या
मां रेणु देवी का कहना है कि इसी पुराने विवाद और लगातार चल रहे मानसिक तनाव के कारण उनका बेटा अंदर ही अंदर घुट रहा था। इस मामले में आगामी चार दिनों के बाद कोर्ट में सुनवाई भी होनी थी, जिसके तनाव में आकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। हालांकि, इस मामले में फिलहाल परिजनों की ओर से स्थानीय थाने में कोई लिखित शिकायत या आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।

