पुष्पेंद्र कुमार, चरखी दादरी। हरियाणा के चरखी दादरी से कानून व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी की एक बड़ी खबर सामने आई है। स्थानीय पुलिस ने करीब दो साल पुराने एक ऐसे ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा किया है, जिसके बारे में कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मिलकर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी थी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को ठिकाने लगा दिया था।
घर से लापता हुआ था संजय, मंदिर के पास मिली खोपड़ी
इस पूरी घटना की शुरुआत करीब दो साल पहले हुई थी, जब रासीवास गांव की रहने वाली भतेरी देवी ने अपने बेटे संजय के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मां ने पुलिस को बताया था कि उनका बेटा घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि रासीवास के गांगलीदास मंदिर के पास एक इंसानी खोपड़ी और कुछ हड्डियां पड़ी हुई हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की, तो वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर साफ हुआ कि ये अवशेष लापता संजय के ही हैं।
मेडिकल बोर्ड की जांच से बदला केस, हत्या की धाराएं जुड़ीं
मानव अवशेष मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। शुरुआती जांच और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद के बाद इस केस में हत्या और सबूत मिटाने की धाराएं जोड़ी गईं। शव के अवशेषों को पीजीआईएमएस रोहतक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड ने इसका पोस्टमार्टम किया। फोरेंसिक और साइंटिफिक जांच रिपोर्ट से यह साफ हो गया कि संजय की सामान्य मौत नहीं हुई थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस की जांच टीम ने नए सिरे से कड़ियां जोड़ना शुरू किया।
दो आरोपी गिरफ्तार, डंडे, स्कूटी और कुल्हाड़ी बरामद
लगातार की गई तफ्तीश, स्थानीय गवाहों और टेक्निकल इनपुट्स के आधार पर पुलिस आखिरकार हत्यारों तक पहुंच ही गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पहले आरोपी संजय उर्फ संजू को गिरफ्तार किया, जो रासीवास का ही रहने वाला है। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए दो डंडे और एक स्कूटी बरामद की गई। इसके ठीक अगले दिन पुलिस ने झज्जर जिले के सिलाना गांव से दूसरे आरोपी जितेंद्र उर्फ ढिल्लू को भी दबोच लिया। जितेंद्र के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद हुई है।
सटीक जांच और पेशेवर कार्यशैली की हो रही तारीफ
इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस के उच्च अधिकारियों ने जांच दल की जमकर पीठ थपथपाई है। पुलिस का कहना है कि इतने पुराने और बिना किसी चश्मदीद वाले केस को सुलझाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन टीम के निरंतर प्रयासों और पेशेवर तालमेल के कारण आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सका है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि मर्डर के असली कारण और इस साजिश में शामिल अन्य पहलुओं का पूरी तरह खुलासा किया जा सके।

