मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. नाग पंचमी के पावन पर्व पर रामनगरी अयोध्या का सरयू तट आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है. सरयू किनारे स्थित ऐतिहासिक शेषावतार मंदिर में आज सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का दौर जारी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं.मंदिर में भगवान शेषावतार की विधि-विधान से पूजा की जा रही है. नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालु नाग देवता को दूध अर्पित कर रहे हैं और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं. मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.
लावा-चना चढ़ाने की है अनोखी परंपरा
इस मंदिर की सबसे खास परंपरा भगवान शेषावतार को लावा और चना चढ़ाने की है. दूर-दराज से आए श्रद्धालु लावा-चना और दूध लेकर कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. पूजा के बाद यही लावा-चना प्रसाद के रूप में वितरित किया जा रहा है.
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मंदिर के पुजारी महंत अशोक दास ने बताया कि अयोध्या में सरयू के किनारे यह इकलौता शेषावतार मंदिर है. इसका पौराणिक महत्व बहुत अधिक है. उन्होंने बताया कि नाग पंचमी के दिन यहां भगवान शेषावतार की विशेष पूजा का विधान है. इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से यहां पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.इस पावन पर्व पर शेषावतार मंदिर में घंटों-घड़ियालों की आवाज और भक्तों के जयकारों से पूरा सरयू तट शिवमय और भक्तिमय हो गया है.


