मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग पर रामनगरी अयोध्या पूरी तरह शिव भक्ति में डूब गई. सोमवार तड़के 3 बजे से ही अयोध्या के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी. मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठे.

सावन के इस विशेष दिन पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद बाबा नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया. सुबह से ही सरयू घाटों पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं.

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नागेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़

अयोध्या के प्रसिद्ध बाबा नागेश्वरनाथ मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई. मान्यता है कि इस प्राचीन मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी. सावन महीने में यहां भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है. श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित किए. भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और देश की खुशहाली की कामना की. मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं.

सुरक्षा के लिए शहर को 5 जोन में बांटा गया

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत किया है. SP सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी के नेतृत्व में पूरे शहर को 5 जोन में बांटकर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. नागेश्वरनाथ मंदिर के अलावा हनुमानगढ़ी, कनक भवन और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भारी पुलिस बल, PAC जवानों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है. प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

सरयू घाटों पर जल पुलिस और SDRF तैनात

सावन सोमवार पर सरयू स्नान के लिए उमड़ी भीड़ को देखते हुए घाटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. जल पुलिस, PAC और SDRF की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं. श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए लाउडस्पीकर के जरिए लगातार अपील की जा रही है. प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए घाटों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं.

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मंदिरों में वन-वे व्यवस्था लागू

भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रमुख मंदिरों में वन-वे व्यवस्था लागू की गई है. श्रद्धालुओं के प्रवेश, दर्शन और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं. पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी CCTV कैमरों और कंट्रोल रूम के जरिए की जा रही है. प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं.