नालंदा। जिले में मशाल प्रतियोगिता-2026 के आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। स्कूली बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें बेहतर मंच देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन खेल प्रतिभा खोज अभियान के तहत किया जा रहा है। प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 16 नवंबर तक आवेदन जमा कर सकते हैं। इसमें कबड्डी, साइक्लिंग, वॉलीबॉल, फुटबॉल और एथलेटिक्स सहित पांच प्रमुख खेलों में प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले 73 खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा।
प्रधानाध्यापकों को दिया गया प्रशिक्षण
प्रतियोगिता के सफल आयोजन और खिलाड़ियों के निष्पक्ष चयन को लेकर सोमवार को नालंदा कॉलेजिएट में प्रधानाध्यापकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने शिक्षकों और प्राचार्यों से अपने-अपने विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों को खेल गतिविधियों से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है। प्रशिक्षण शिविर में मास्टर प्रशिक्षकों ने प्रधानाध्यापकों को प्रतियोगिता की नियमावली, खेलों के निर्धारित मानकों और चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की जानकारी दी।
विद्यालय से जिला स्तर तक होगा खिलाड़ियों का चयन
मास्टर प्रशिक्षण समन्वयक अल्पना कुमारी और मास्टर ट्रेनर अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया कि खिलाड़ियों का चयन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। सबसे पहले विद्यालय स्तर पर प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान होगी। इसके बाद संकुल संसाधन केंद्र और प्रखंड संसाधन केंद्र स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रखंड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी जिला स्तरीय स्पर्धा में हिस्सा लेंगे। यहां से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अंतिम
73 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा।
अंडर-14 और अंडर-16 वर्ग में होगी प्रतियोगिता
मशाल प्रतियोगिता में बालक और बालिका दोनों वर्गों के अंडर-14 और अंडर-16 आयु वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले सकेंगे। कबड्डी और फुटबॉल की विजेता टीमों से सात मुख्य और दो सुरक्षित खिलाड़ियों का चयन होगा। वहीं, वॉलीबॉल में छह मुख्य और एक सुरक्षित खिलाड़ी चुने जाएंगे। साइक्लिंग में तीन और पांच किलोमीटर की रेस के विजेताओं को मौका मिलेगा। जबकि एथलेटिक्स में लंबी कूद, 60 और 100 मीटर स्प्रिंट तथा 600 और 800 मीटर दौड़ के प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा।

