वीरेंद्र कुमार, नालंदा। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर अस्थावां नगर पंचायत में आयोजित मतदाता संवाद कार्यक्रम में राजद प्रत्याशी दिलीप चौधरी के एक बयान ने राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है। चुनाव जीतने के बाद शिक्षित वर्ग की उपेक्षा किए जाने पर उन्होंने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि अब “वोट हमारा, राज तुम्हारा” की नीति नहीं चलेगी। कार्यक्रम के दौरान वे काफी भावुक नजर आए और उन्होंने बेरोजगार स्नातकों के हक में आवाज बुलंद की।
रोजगार और पेंशन की उठी मांग
दिलीप चौधरी ने कहा कि स्नातक की डिग्री लेने के बाद भी आज के युवा भटकने को मजबूर हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते-करते कई युवक-युवतियों की उम्र सीमा निकल जाती है, लेकिन उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं होता। उन्होंने वादा किया कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है, तो वे सदन में स्नातक पास बेरोजगारों के लिए सरकारी पेंशन और साल में कम से कम 100 दिनों के रोजगार की गारंटी का मुद्दा जोर-शोर से उठाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ चुनाव के वक्त शिक्षित मतदाताओं को याद करने का दौर अब खत्म होना चाहिए।
शक्ति सिंह यादव की अपील और अन्य नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने जाति और धर्म की राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिलीप चौधरी के समर्थन में मजबूत माहौल बन रहा है और उन्होंने मतदाताओं से पहली वरीयता का वोट देकर उन्हें जिताने की अपील की।
इस संवाद कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी दीपक कुमार ने किया। इस मौके पर सोनू कुमार, नवल किशोर यादव, मुखिया संघ के जिला अध्यक्ष व नेरुत पंचायत के मुखिया राकेश कुमार उर्फ बिहारी सिंह, समाजसेवी बहादुर सिंह, प्रशांत कुमार, पंकज कुमार और गौतम कुमार समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
नतीजों पर कितना असर डालेगा यह मुद्दा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बेरोजगारी, पेंशन और स्नातकों के अधिकारों का यह मुद्दा इस चुनाव के समीकरण को पूरी तरह बदल पाएगा या नहीं।

