वीरेंद्र कुमार, नालंदा। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार किसी भी व्यक्ति की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बिहार के नालंदा जिले में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला शाखा के परिसर में 8 दिवसीय विशेष फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया है। यह पहल जिले के नागरिकों को संकट के समय में दूसरों के जीवन की रक्षा के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और संचालन
इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को विभिन्न आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए जागरूक करना और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है। कार्यक्रम के पहले दिन प्रशिक्षण सत्र का संचालन बिहारशरीफ के जाने-माने एम.डी. मेडिसिन चिकित्सक डॉ. इंद्रजीत कुमार (कुमार हॉस्पिटल, डॉक्टर्स कॉलोनी) द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को आपातकाल के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों और प्राथमिक उपचार के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया।
प्रैक्टिकल सत्र और महत्वपूर्ण सावधानियां
डॉ. इंद्रजीत कुमार ने केवल सैद्धांतिक जानकारी देने की बजाय प्राथमिक उपचार देने की पूरी कार्यप्रणाली को प्रायोगिक यानी प्रैक्टिकल तरीके से समझाया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि दुर्घटना या गंभीर स्थिति में मरीज की मदद करते समय कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि पीड़ित को और अधिक नुकसान न पहुंचे। शिविर में शामिल सभी 30 प्रतिभागियों ने इन जीवन रक्षक तकनीकों को बहुत बारीकी से सीखा और उनका अभ्यास किया।
गणमान्य लोगों की सक्रिय सहभागिता
इस 8 दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, नालंदा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान संस्था के सचिव राजेश कुमार ने डॉ. इंद्रजीत कुमार द्वारा दिए गए ज्ञानवर्धक सत्र के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इसके अलावा, चेयरमैन डॉ. श्याम बिहारी, वाइस चेयरमैन सुधीर कुमार, कोषाध्यक्ष अरविंद पंडित, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद अखलाक अहमद, आजीवन सदस्य प्रमोद कुमार, डॉ. स. म. जमाल, रागिनी कुमारी, तथा सहायक अरुण कुमार और संजय कुमार का सहयोग सराहनीय रहा।
यह आयोजन नालंदा के लोगों के लिए आपातकाल के समय मददगार साबित होगा, क्योंकि सही समय पर मिलने वाली सटीक जानकारी और प्राथमिक चिकित्सा ही कई बार जिंदगी और मौत के बीच का फर्क तय करती है।


