वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के सिलाव थाना क्षेत्र अंतर्गत राजगीर-बिहारशरीफ रेलखंड पर एक 50 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर ट्रेन के आगे छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।

​मृतका की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि

​पुलिस और स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान सिलाव थाना क्षेत्र के चट्टी पर बड़ी दुर्गा स्थान की रहने वाली 50 वर्षीय सोना देवी के रूप में हुई है, जो रामविलास पंडित उर्फ द्वारका की पत्नी थीं।
​परिजनों ने बताया कि सोना देवी अत्यंत संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थीं। वह घर-घर जाकर या फेरी लगाकर चूड़ी बेचने का काम करती थीं और इसी से होने वाली मामूली आमदनी से अपने परिवार का किसी तरह भरण-पोषण करती थीं।

​शराब की लत और आर्थिक तंगी बनी वजह

​प्राथमिक जानकारी और परिजनों के बयानों से यह बात सामने आई है कि सोना देवी के पति शराब के आदी थे। पति की इस लत के कारण घर की आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही थी। परिवार पर कर्ज का बोझ भी बढ़ रहा था और घर का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया था।
​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनका कहना है कि लगातार बनी रहने वाली इसी तंगहाली और मानसिक तनाव के कारण सोना देवी अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थीं। माना जा रहा है कि इसी असहनीय मानसिक दबाव के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।

​पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच

​घटना की भनक लगते ही सिलाव थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने रेलवे ट्रैक से शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
​थानाध्यक्ष का कहना है कि पुलिस इस मामले के सभी संभावित पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुख्ता पुष्टि के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इसके पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।