लवकुश बैरागी, आगर मालवा। नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026) का पावन पर्व यानी मां शक्ति की आराधना का महापर्व। इन दिनों देश के हर कोने से मां के जयकारे गूंज रहे हैं। मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर देशभर के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी धार्मिक मान्यताओं और तंत्र साधना की प्राचीन परंपरा के लिए विशेष पहचान रखता है। मान्यता है कि मां बगलामुखी अपने भक्तों के सभी संकट दूर कर सुख-समृद्धि और शत्रुओं पर विजय का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र और पांडवों से जुड़ा इतिहास
उज्जैन के बाद नलखेड़ा का यह शक्तिपीठ तंत्र साधना के सबसे प्रमुख केंद्रों में शुमार किया जाता है। यहां नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026) के पावन अवसर पर विशेष हवन, अनुष्ठान और पाठ कराने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस मंदिर की धार्मिक महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसका इतिहास पौराणिक कथाओं और पांडवों से जुड़ा हुआ है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, महाभारत के युद्ध से पहले पांडवों ने माता बगलामुखी की विशेष आराधना कर विजयश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया था। यही कारण है कि आज भी यह धाम श्रद्धालुओं के बीच अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है।
राजनेताओं और वीवीआईपी की विशेष आस्था
मां बगलामुखी को शत्रु विनाशक और राजनीति में सफलता देने वाली देवी माना जाता है। यही वजह है कि जब भी देश में लोकसभा चुनाव या विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव नजदीक आते हैं, तो इस दरबार में राजनेताओं का तांता लग जाता है। फिल्म अभिनेताओं, केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य राज्यों के कई मुख्यमंत्री यहां आकर गुप्त अनुष्ठान, हवन और दर्शन-पूजन कर चुके हैं।
प्रशासन के चाक-चौबंद इंतजाम
नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026) के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास करीब 500 पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा, पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उचित व्यवस्था और हजारों वाहनों की पार्किंग के लिए 2 बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां एक स्थायी पुलिस चौकी भी स्थापित की गई है।
नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026) का यह पावन पर्व नलखेड़ा के इस धाम में श्रद्धा, भक्ति और साधना की अनूठी छटा बिखेर रहा है। मां के दरबार में पहुंचने वाले हर भक्त की बस एक ही प्रार्थना होती है कि परिवार में सुख-शांति बनी रहे और मां पीतांबरा का आशीर्वाद सदैव उनके जीवन पर बना रहे।
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