दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी की समस्या अब जल्द ही समाप्त होने जा रही है। जिले के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए 58 नए डॉक्टर की पदस्थापना की गई है। ये सभी MBBS डॉक्टर आगामी एक वर्ष तक जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं देंगे।

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25 सितंबर तक जॉइनिंग की अंतिम तिथि, 30 डॉक्टरों ने दी उपस्थिति

वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में इन डॉक्टरों की जॉइनिंग प्रक्रिया तेजी से चल रही है। जॉइनिंग की अंतिम तारीख 25 सितंबर निर्धारित की गई है। CMHO डॉ. नरसिंह गहलोत ने बताया कि 58 में से 30 डॉक्टर अब तक अपनी जॉइनिंग दे चुके हैं, जबकि शेष डॉक्टर भी लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इन सभी डॉक्टर्स को जिले की आवश्यकता और प्राथमिकताओं के आधार पर अलग-अलग अस्पतालों में पदस्थ किया जा रहा है।

नियमों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य सेवा

शासकीय नियमों के अनुसार MBBS की पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टर्स के लिए एक वर्ष तक ग्रामीण या शासकीय क्षेत्रों में सेवा देना अनिवार्य होता है। इसी शर्त के तहत ये नए डॉक्टर अब जिला व ग्रामीण अस्पतालों में ओपीडी, मरीजों की जांच, उपचार और परामर्श का जिम्मा संभालेंगे।

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डॉक्टरों का आंकड़ा पहुंचेगा 200 के पार

गौरतलब है कि नर्मदापुरम जिले में पहले से 114 डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि पिछले महीने ही 27 नए डॉक्टरों ने अपना कार्यभार संभाला था। अब इन 58 बॉन्ड डॉक्टर्स की तैनाती के बाद जिले में कुल डॉक्टरों की संख्या लगभग 200 तक पहुंच जाएगी। इससे विशेष रूप से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

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