शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के बुधनी में आदिवासियों के घर तोड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने नोटिस जारी किया है। एमपी के मुख्य सचिव, डीजीपी, वन विभाग के प्रमुख सचिव, सीहोर कलेक्टर, एसपी से तीन दिन में जवाब मांगा है। साथ ही आयोग ने जवाब और दस्तावेज पेश करने के भी निर्देश दिए है।
CM ने CS को दिए जांच के निर्देश
इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बुधनी में आदिवासी गांव में घर तोड़ने के मामले में जांच की बात कही है। उन्होंने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए है। सीएम ने कहा कि शिवराज सिंह जी वरिष्ठ नेता है। उन्होंने जो मुद्दा उठाया है, उसकी जांच होगी। CS को जांच के लिए निर्देशित किया है।
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केंद्रीय मंत्री शिवराज ने दिया था धरना
गौरतलब है कि बुधनी के कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई में गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को धरना दिया था। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और पूरे मामले पर कड़ा आक्रोश जताया था। गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ने, उनकी फसलें नष्ट होने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। मौके पर वन विभाग और प्रशासन के किसी भी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर भी शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई थी।

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