कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले किए हैं। मानदेय बढ़ाने से लेकर वर्दी और धुलाई भत्ते में इजाफे तक कई राहत दी गई हैं। इतना ही नहीं, ड्यूटी के दौरान किसी सफाई कर्मी की मौत होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान भी किया गया है। सरकार ने हर महीने समय पर मानदेय पहुंचाने की व्यवस्था को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार के फैसले के मुताबिक जनवरी 2026 से जून 2026 तक ग्रामीण सफाई कर्मियों के मानदेय में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां उन्हें 16,000 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, वहीं यह राशि बढ़ाकर 18,100 रुपये कर दी गई। जनवरी से जून तक की बढ़ी हुई राशि का जो बकाया बनता है, उसका भुगतान किया जाएगा।
इसके अलावा अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि में जिन पात्र सफाई कर्मियों को मानदेय नहीं मिल पाया था, उन्हें भी रिकॉर्ड की जांच और सत्यापन के बाद बकाया राशि दी जाएगी। इसमें ढांड के 48, फरुखनगर के 54, सिहमा के 25 और निजामपुर के 15 ग्रामीण सफाई कर्मी शामिल हैं।
सरकार ने गांव से बाहर ड्यूटी करने वाले कर्मियों के लिए भी अलग व्यवस्था की है। ऐसे मामलों में संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) कार्यालय की ओर से 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता पेटी कैश से दिया जाएगा।
ग्रामीण सफाई कर्मियों को मिलने वाले दूसरे भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है। सालाना वर्दी भत्ता 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं धुलाई भत्ते में 500 रुपये का इजाफा करते हुए इसे 1,000 से बढ़ाकर 1,500 रुपये सालाना कर दिया गया है।
ड्यूटी के दौरान मौत हुई तो परिवार को नौकरी
सरकार के फैसलों में सबसे अहम प्रावधान ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले ग्रामीण सफाई कर्मियों के परिवार से जुड़ा है। यदि किसी कर्मी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होती है तो उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।
मृतक कर्मी के परिवार को EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) और ESI (कर्मचारी राज्य बीमा) से संबंधित मृत्यु दावा हासिल करने में भी BDPO कार्यालय मदद करेगा। इसके लिए जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया में परिवार को सहयोग दिया जाएगा, ताकि उन्हें निजी एजेंसियों के चक्कर न लगाने पड़ें और किसी तरह के शोषण की स्थिति पैदा न हो।
7 तारीख तक पैसा नहीं आया तो जुर्माना
सरकार ने मानदेय भुगतान की तारीख भी तय कर दी है। आदेश के अनुसार हर महीने की 7 तारीख तक ग्रामीण सफाई कर्मियों का मानदेय भुगतान करना अनिवार्य होगा। यदि इसमें देरी होती है तो संबंधित स्तर पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
ये फैसले 29 मई 2026 को ग्रामीण सफाई कर्मियों के साथ हुई बैठक में उठाई गई मांगों के बाद लिए गए हैं। विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ग्रामीण सफाई कर्मियों की मांगों को लेकर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की ओर से सरकार और कर्मचारियों के बीच समन्वय बनाने के प्रयास किए जा रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी उनकी मांगों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया। अब जारी किए गए फैसलों से प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मियों को आर्थिक राहत के साथ-साथ सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा भी मिलेगी।
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