Lifestyle Desk: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान, बढ़ता प्रदूषण और तनाव का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। यही वजह है कि मुंहासे, कील, दाने और ऑयली स्किन जैसी समस्याएं अब केवल किशोरों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि हर उम्र के लोगों में देखने को मिल रही हैं। कई लोग इन परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स और तरह-तरह के घरेलू नुस्खे अपनाते हैं, लेकिन हर बार मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता।

ऐसे में आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा नीम एक प्रभावी प्राकृतिक विकल्प माना जाता है। नीम में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण त्वचा को साफ रखने और मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। यही कारण है कि नीम का पानी स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।
कैसे तैयार करें नीम का पानी?
नीम का पानी बनाना बेहद आसान है। इसके लिए 15 से 20 ताजी नीम की पत्तियां अच्छी तरह धो लें। अब इन्हें लगभग 2 गिलास पानी में 10 से 15 मिनट तक उबालें। जब पानी का रंग हल्का हरा हो जाए, तब गैस बंद कर दें और पानी को पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद इसे छानकर एक साफ बोतल में भर लें। इस पानी को फ्रिज में 2 से 3 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
चेहरे पर कैसे करें इस्तेमाल?
सबसे पहले चेहरे को किसी माइल्ड फेस वॉश से साफ करें। इसके बाद कॉटन की मदद से नीम का पानी पूरे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं। इसे त्वचा पर सूखने दें और फिर सामान्य पानी से चेहरा धो सकते हैं या यदि त्वचा पर कोई असहजता न हो तो कुछ समय तक लगा रहने दें। दिन में एक से दो बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। नियमित उपयोग से त्वचा पर जमा अतिरिक्त तेल और धूल-मिट्टी साफ होने में मदद मिलती है, जिससे पिंपल्स की समस्या कम हो सकती है।
नीम के पानी के संभावित फायदे
नीम का पानी त्वचा की गहराई से सफाई करने में सहायक माना जाता है। यह अतिरिक्त ऑयल को नियंत्रित करने, त्वचा को ताजगी देने और मुंहासों से जुड़ी लालिमा व सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह त्वचा को साफ और फ्रेश बनाए रखने में भी उपयोगी हो सकता है। हालांकि, इसके प्रभाव व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और समस्या की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
हालांकि नीम एक प्राकृतिक औषधीय पौधा है, लेकिन हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। इसलिए पहली बार इस्तेमाल करने से पहले हाथ के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें। यदि जलन, खुजली, लालपन या एलर्जी जैसी कोई समस्या महसूस हो तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर दें। बहुत अधिक मात्रा में या बार-बार इस्तेमाल करने से कुछ लोगों की त्वचा रूखी भी हो सकती है।
अगर मुंहासे लंबे समय से बने हुए हैं, बार-बार हो रहे हैं या उनमें दर्द और पस की समस्या है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
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