पंकज श्रीवास्तव, छपरा। बिहार के सारण जिले के परसा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी और गोपनीय कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिल्ली और पटना से आई एनआईए की संयुक्त टीम ने देर रात परसा नगर पंचायत की मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर अचानक दबिश दी। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध हथियार तस्करी के मामले में मुख्य पार्षद के पुत्र करमुल्लाह अंसारी को गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई।
3 घंटे चली सघन तलाशी और पूछताछ
गपगुप तरीके से की गई इस कार्रवाई के दौरान एनआईए की टीम ने लगभग 3 घंटे तक घर के अंदर सघन तलाशी ली और डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों की जांच की। इस बीच स्थानीय पुलिस बल और परसा थाना अध्यक्ष ओम प्रकाश के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने शुरुआती तौर पर मीडिया या स्थानीय लोगों को आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
2024 के असम हथियारों के मामले से जुड़ा है तार
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इससे पहले वर्ष 2024 में असम के दीमापुर से अत्याधुनिक हथियारों (जैसे AK-47 के पुर्जों) की बरामदगी और विदेशी फंडिंग के सिलसिले में भी इस घर पर एनआईए की पांच सदस्यीय टीम ने 10 से 12 घंटे तक मैराथन छापेमारी की थी। हालांकि, उस समय करमुल्लाह अंसारी पुलिस के हाथ नहीं लग सका था और फरार चल रहा था।
पुराना आपराधिक इतिहास और राजनीतिक हलचल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, करमुल्लाह अंसारी का नाम पहले भी हथियारों की तस्करी से जुड़ चुका है और वह पूर्व में जेल की यात्रा भी कर आ चुका है। इसके अलावा, पूर्व डीआईजी मनु महाराज के कार्यकाल के दौरान भी इसी परिवार के यहां विदेशी नागरिकों को बुलाने, अवैध हथियार रखने और विदेशी मुद्रा के संदिग्ध लेनदेन को लेकर जांच की गई थी। एनआईए अधिकारियों द्वारा लगातार समन भेजने के बावजूद करमुल्लाह पटना कार्यालय पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हो रहा था, जिसके बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई है। इस गिरफ्तारी से परसा इलाके के राजनीतिक हलकों और आम जनता में भारी हड़कंप मचा हुआ है।

