संजीव, सोनीपत, 28 अक्टूबर। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम), कुंडली में देश का पहला AI आधारित फूड टेक हैकाथॉन ‘हैक द फोर्क’ संपन्न हुआ। 24 घंटे चले इस कार्यक्रम में 10 राज्यों की 22 टीमों के 90 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसका मकसद खाद्य क्षेत्र और वैकल्पिक प्रोटीन उद्योग की चुनौतियों के लिए तकनीक की मदद से नए और काम आने वाले समाधान तलाशना था।

फ्रांस की गैर-लाभकारी पहल ‘हैक द फोर्क’ और निफ्टेम-कुंडली ने मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके लिए 85 से अधिक टीमों ने आवेदन किया था। इनमें से 25 टीमों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। आयोजन में 10 राज्यों की 22 टीमों ने संस्थान पहुंचकर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों में IIT, IIIT और दिल्ली विश्वविद्यालय समेत कई शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और शोधार्थी शामिल रहे। समापन के दौरान टीमों ने विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के सामने अपने विचार और तकनीकी समाधान पेश किए।
खाद्य क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान पर फोकस
हैकाथॉन का शुभारंभ 24 अक्टूबर को फ्रांस स्थित ‘हैक द फोर्क’ की निदेशक एलिस प्जी ने किया था। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को खाद्य क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं पर काम करने और उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने का मौका मिला। इसमें वैकल्पिक प्रोटीन उद्योग से जुड़ी चुनौतियों पर भी ध्यान दिया गया।
निफ्टेम निदेशक ने प्रतिभागियों को दी बधाई
निफ्टेम-कुंडली के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने कहा कि देश में पहली बार आयोजित इस तरह के AI आधारित फूड टेक हैकाथॉन से खाद्य क्षेत्र में नए विचारों और तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को रचनात्मक सोच विकसित करने, अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों के साथ काम करने और खाद्य उद्योग की उभरती चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित करते हैं।
डॉ. ओबेरॉय ने प्रतिभागी टीमों को उनके उत्साह, रचनात्मकता और नवाचार के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी। उन्होंने युवाओं को नई संभावनाएं तलाशने और तकनीक के जरिए खाद्य क्षेत्र की समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
खाद्य तकनीक में नए प्रयोगों को मिलेगा मंच
इस आयोजन में अलग-अलग राज्यों के युवा नवप्रवर्तकों, शोधार्थियों और तकनीकी विशेषज्ञों को अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला। खाद्य क्षेत्र की समस्याओं पर तकनीक आधारित समाधान तलाशने वाले ऐसे कार्यक्रमों से नए प्रयोगों और आपसी सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, प्रस्तुत समाधानों के आगे इस्तेमाल या उन्हें उद्योग में लागू करने से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
‘हैक द फोर्क’ के समापन के साथ प्रतिभागियों ने अपने विचार विशेषज्ञों के सामने रखे। आयोजन का मुख्य जोर खाद्य क्षेत्र की चुनौतियों को समझने और उनके लिए व्यावहारिक तकनीकी समाधान विकसित करने पर रहा।
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