Odisha Desk, जाजपुर: ओडिशा की धर्मनगरी जाजपुर रविवार को शंखध्वनि, घंटों की गूंज और ‘मां बिरजा’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। जिले की अधिष्ठात्री देवी मां बिरजा की प्रसिद्ध नौ दिवसीय वार्षिक रथयात्रा की शुरुआत धार्मिक उत्साह और अपार जनआस्था के बीच बेहद धूमधाम से हुई।
उत्सव की शुरुआत सिंहद्वार के समीप स्थित यज्ञ मंडप में आयोजित विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जिसके बाद पवित्र रथ का प्रतिष्ठापन और संस्कार किया गया। पारंपारिक धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए मां बिरजा की विजय प्रतिमा (चलंती प्रतिमा) को गर्भगृह से बाहर लाया गया और उन्हें ‘सिंहध्वज’ रथ (जिसे ‘विजय रथ’ भी कहा जाता है) पर विराजमान कराया गया।
जैसे ही सिंहध्वज रथ सिंहद्वार से बाहर निकला और अपनी दक्षिण दिशा की यात्रा पर आगे बढ़ा, हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर देवी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रथ पर विराजमान मां बिरजा के दर्शन करने से विशेष आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है।
जाजपुर के उप-जिलाधिकारी तापस देहुरी ने बताया कि स्थानीय लोग और दूर-दराज से आए श्रद्धालु इस वार्षिक उत्सव का पूरे वर्ष बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी के सहयोग से यह पर्व सकुशल और निर्विघ्न संपन्न होगा।
त्योहार को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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