बक्सर। हरियाणा के प्रतिष्ठित संस्थान NIT कुरुक्षेत्र से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहांं बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा दीक्षा दुबे ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के कुछ ही घंटों बाद, एक अन्य छात्रा ने भी पांचवीं मंजिल से कूदकर जान देने की कोशिश की, जिसे सहपाठियों की तत्परता से बचा लिया गया।

​’अब और नहीं हो पा रहा’ लिखकर डिलीट किया मैसेज

​बिहार के बक्सर की रहने वाली और अलीगढ़ में बसे परिवार की बेटी दीक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस (AIDS) की छात्रा थी। 16 अप्रैल को लैब अटेंड करने के बाद उसने अपनी सहेली को मैसेज किया कि वह दोबारा लैब नहीं जाना चाहती। इसके तुरंत बाद उसने एक मैसेज भेजा जिसे उसने फौरन डिलीट कर दिया। सूत्रों के अनुसार, उस मैसेज में लिखा था अब और नहीं हो पा रहा। जब सहेली ने कॉल किया तो कोई जवाब नहीं मिला। कमरे पर जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था।

​सुसाइड नोट: मम्मी-पापा मुझे माफ करना

​पुलिस को दीक्षा के कमरे से एक रजिस्टर मिला है, जिसमें पेंसिल से लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ। अंग्रेजी में लिखे इस नोट में दीक्षा ने खुद को ‘नाकाबिल’ बताते हुए लिखा— “I am sorry mummy papa, I am not worth of anything… I hate myself.” पिता शशि कुमार, जो एक कंपनी में ऑपरेटर हैं, का कहना है कि सुबह ही दीक्षा की मां से बात हुई थी और वह बिल्कुल सामान्य लग रही थी। परिवार इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजहों की उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहा है।

​दूसरी छात्रा ने 5वीं मंजिल से लगाई छलांग की कोशिश

​अभी दीक्षा की मौत का गम शांत भी नहीं हुआ था कि देर रात करीब 11:30 बजे, कंप्यूटर साइंस की एक और छात्रा ने कल्पना चावला हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से कूदने का प्रयास किया। गनीमत रही कि पास मौजूद छात्रों ने उसे समय रहते पकड़ लिया। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर छात्रा को समझाया और रात करीब 2:30 बजे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

​प्रशासन की कार्रवाई: वार्डन और डीन बदले गए

​छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन और बढ़ते तनाव को देखते हुए NIT प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। गर्ल हॉस्टल की चीफ वार्डन डॉ. वृंदा गोयल और डिप्टी वार्डन डॉ. रितु गर्ग को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनकी जगह प्रो. ज्योति ओहरी और अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, संस्थान के भीतर इसे आंतरिक राजनीति और खींचतान का नतीजा भी माना जा रहा है।