वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर अपनी सक्रियता और विकास कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने बख्तियारपुर से लेकर जगदम्बा स्थान और सलेहपुर से होते हुए झालर (राजगीर) तक चल रहे बहुप्रतीक्षित फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण स्थल पर पहुंचकर चल रहे कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

​इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि परियोजना बिना किसी अनावश्यक विलंब के तय समय पर पूरी हो सके। निरीक्षण के दौरान नीतीश कुमार ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि सड़क के निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण की यह प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरी हो जानी चाहिए, ताकि आम जनता को इसका लाभ समय पर मिल सके। सड़क निर्माण में मानकों का कड़ाई से पालन करने और काम में तेजी लाने के उनके इस स्पष्ट निर्देश ने यह साबित कर दिया कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​जैसे ही स्थानीय लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक सड़क निर्माण स्थल पर पहुंचने की खबर मिली, पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई। लोग अपने चहेते नेता की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में सड़क किनारे और निर्माण स्थल के आसपास इकट्ठा हो गए। स्थानीय नागरिकों में नीतीश कुमार को अपने बीच पाकर भारी खुशी देखने को मिली और लोगों की इस भीड़ व उत्साह ने पूरे इलाके के माहौल को बेहद खास बना दिया। जनता का यह समर्थन इस बात का प्रमाण है कि वे क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को लेकर कितने उत्सुक और जागरूक हैं।

​बख्तियारपुर और राजगीर को जोड़ने वाली इस फोरलेन सड़क के निर्माण से इस पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार होने की उम्मीद है। इस मार्ग के चालू हो जाने से दोनों महत्वपूर्ण स्थानों के बीच आवागमन बेहद सुगम और तेज हो जाएगा, जिससे न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई रफ्तार मिलेगी। सड़क निर्माण का यह कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों, तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी सहूलियत मिलेगी, जो इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।