धर्मेंद्र यादव, निवाड़ी। निवाड़ी जिले में प्रशासनिक भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुल रही हैं। जिला प्रशासन की ओर से कभी-कभार दिखावे की कार्रवाई की जाती है, जबकि अधिकांश मामलों में लीपापोती कर दी जाती है। ऐसा ही एक चर्चित मामला निवाड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से सामने आया है, जहाँ के बीएमओ (BMO) डॉ. आरसी मलारया के खिलाफ पूर्व टीकाकरण वाहन चालक अंकित शर्मा ने सागर संभागायुक्त (कमिश्नर) दिलीप कुमार के समक्ष पहुंचकर भ्रष्टाचार की सीधी शिकायत दर्ज कराई है।

50 लीटर डीजल की मांग और फर्जी बिलिंग का आरोप

शिकायतकर्ता अंकित शर्मा का आरोप है कि टीकाकरण वाहन की सर्विसिंग के दौरान बीएमओ डॉ. आरसी मलारया द्वारा 50 लीटर डीजल की मांग की गई और इस राशि को कागजों में एडजस्ट करने का दबाव बनाया गया। इसके अलावा, बीएमओ पर नियम विरुद्ध तरीके से एक महिला कर्मचारी का वेतन निकालने समेत कई अन्य गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

“2 साल से शिकायतें और जांच में आरोप सही, फिर भी कार्रवाई शून्य”

अंकित शर्मा का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से लगातार बीएमओ की शिकायतों को लेकर दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य आयुक्त और कलेक्टर तक शिकायतें भेजी हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि पूर्व में हुई जांच में कई आरोप सही भी पाए गए थे, जिसके साक्ष्य उन्होंने संभागायुक्त को सौंपे हैं। इसके बावजूद पिछले दो सालों से आरोपी अधिकारी पर कोई प्रशासनिक शिकंजा नहीं कसा गया, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

संभागायुक्त ने दिया जांच का आश्वासन

शिकायत सुनने के बाद सागर संभागायुक्त दिलीप कुमार ने बताया कि मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन का परीक्षण कराया जाएगा और जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि लंबे समय से चल रही शिकायतों और जांच में सही पाए गए साक्ष्यों के बाद बीएमओ पर कार्रवाई होती है या मामला फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

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