धर्मेंद्र यादव, निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में सागर संभाग के कमिश्नर के जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर पर लगे आरोपों के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। BMO डॉ. आर.सी. मलारया ने अपने ऊपर लगे नियमों के उल्लंघन के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक पूर्व कर्मचारी की व्यक्तिगत रंजिश और सोची-समझी साजिश बताया है। डॉ. मलारया ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ अब अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

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“सेवा से हटाया गया था, इसलिए कर रहा शिकायतें”

BMO डॉ. आर.सी. मलारया ने पूरे मामले की सच्चाई बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता अंकित शर्मा पूर्व में टीकाकरण वाहन ड्राइवर के पद पर कार्यरत था। काम में गंभीर अनियमितताओं के चलते उसे सेवा से पृथक कर दिया गया था। इसी दौरान ओरछा और टेहरका के भी एक-एक वाहन चालकों को हटाया गया था। नौकरी से निकाले जाने के बाद से ही अंकित शर्मा लगातार रंजिश के तहत उनके खिलाफ झूठी और बेबुनियाद शिकायतें दर्ज करा रहा है।

“5 सदस्यीय टीम दे चुकी है क्लीन चिट, अब जाऊंगा कोर्ट”: BMO

डॉ. मलारया ने बताया कि पूर्व में की गई शिकायतों की गहराई से जांच के लिए 5 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी। इस जांच टीम ने सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद उन्हें पूरी तरह ‘क्लीन चिट’ दे दी थी। इसके बावजूद बार-बार झूठे आरोप लगाकर उनकी सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाने वाले के खिलाफ वे कानूनी कदम उठाएंगे और कोर्ट जाएंगे।

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शिकायती आवेदन मिला है, कराएंगे जांच

कमिश्नर वहीं, इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले में सागर संभाग के कमिश्नर दिलीप कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एक युवक ने BMO के खिलाफ शिकायती आवेदन सौंपा है। नियमानुसार आवेदन को संज्ञान में ले लिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

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