Automobile Desk: देश में सीएनजी (CNG) गाड़ियां तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, लेकिन इसके साथ ही सीएनजी पंपों पर लंबी लाइनें लगना भी आम बात हो गई है. कई बार वाहन चालकों को अपनी गाड़ी में गैस भरवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनका कीमती समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं.

इस समस्या का एक स्मार्ट समाधान निकालने के लिए ‘नावगति’ (Nawgati) नाम की कंपनी काम कर रही है. हाल ही में कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ वैभव कौशिक ने एक इंटरव्यू में अपनी भविष्य की योजनाओं और तकनीक के बारे में खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक की मदद से देश के फ्यूल स्टेशनों को स्मार्ट बनाया जा रहा है, जिससे लंबी कतारों की परेशानी से निजात मिल सके.

वैभव कौशिक ने बताया कि इस स्टार्टअप की शुरुआत साल 2019 में नोएडा में एक रियल एक्सपीरियंस के दौरान हुई थी. जब वह इंटर्नशिप के दिनों में सीएनजी कैब से सफर करते थे, तब उन्होंने महसूस किया कि ड्राइवर सड़क पर मेहनत तो 10 घंटे करते हैं, लेकिन उनका करीब एक घंटा सिर्फ सीएनजी पंप की लाइन में ही निकल जाता है. यह उनकी रोजाना की कमाई का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा था. यहीं से इस समस्या के समाधान का विचार आया.

आज के समय में फ्यूल स्टेशनों पर सबसे बड़ी दिक्कत ईंधन की कमी नहीं, बल्कि सही और सटीक जानकारी का अभाव है. ड्राइवरों को यह पता नहीं होता कि किस स्टेशन पर कितनी भीड़ है और नंबर आने में कितना वक्त लगेगा. इस परेशानी को दूर करने के लिए नावगति ने ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है जो मौजूदा बुनियादी ढांचे का ही इस्तेमाल करता है. खास बात यह है कि इसके लिए पेट्रोल पंप संचालकों को भारी-भरकम नए उपकरण या मशीनें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. पंपों पर पहले से लगे सीसीटीवी कैमरे, कंप्रेसर और डिस्पेंसर से मिलने वाले डेटा को कंप्यूटर विजन और एआई की मदद से एनालाइज किया जाता है. इससे यह आसानी से पता चल जाता है कि किस समय कहां भीड़ बढ़ने वाली है और वाहनों को सर्विस देने में कितना समय लग रहा है.

पारंपरिक और सरकारी क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों में इस तरह की नई तकनीक को उतारना आसान नहीं होता. सबसे बड़ी चुनौती भरोसा कायम करने की होती है. कारोबारियों को यह समझाना जरूरी होता है कि नया सिस्टम उनके काम को आसान और फायदेमंद बनाएगा. यही वजह है कि नावगति ने ऐसा मॉडल चुना जो बिना ज्यादा लागत के मौजूदा सिस्टम के साथ आसानी से फिट हो सके.

कंपनी की योजना साल 2030 तक देश के फ्यूल और मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से बदलने की है. भविष्य में पेट्रोल-डीजल या सीएनजी पंप केवल ईंधन देने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें मल्टी-एनर्जी हब के रूप में विकसित किया जाएगा जहां इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और ऊर्जा के दूसरे विकल्प भी एक ही छत के नीचे मिल सकेंगे. इससे वाहन चालकों को घर से निकलने से पहले ही यह जानकारी मिल जाएगी कि उनके रास्ते में कौन सा स्टेशन सबसे बेहतर और खाली है.