Dharm Desk – नवंबर माह धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से बहुत शुभदाई और ऊर्जावान रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह महीना मुख्य रूप से कार्तिक और मार्गशीर्ष अगहन मास के अंतर्गत आता है। इस माह धनतेरस, दिवाली, भैया दूज, छठ पूजा और देवउठनी एकादशी जैसे कई बड़े और पावन पर्व मनाए जाएंगे। भारतीय परंपरा में इन त्योहारों के दौरान दीपदान, जप-तप, व्रत और पूजन का विशेष महत्व होता है।

माह की शुरुआत अहोई अष्टमी और रमा एकादशी जैसे कठिन व्रतों से होगी जिसके बाद सबसे बड़े उत्सव यानी पंचपर्व धनतेरस से भैया दूज का शुभारंभ होगा। इसके साथ ही लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा और देवोत्थान एकादशी भी इसी महीने में पड़ेंगे।कार्तिक मास में किया गया दान और स्नान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। वहीं देवउठनी एकादशी के साथ ही सभी मांगलिक व शुभ कार्यों की फिर से शुरुआत हो जाती है। श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ की तैयारियों के लिहाज से यह पूरा महीना बहुत महत्वपूर्ण रहेगा।

नवंबर में पड़ने वाले प्रमुख व्रत पर्व और त्योहारों की तिथि

1 नवंबर अहोई अष्टमी
5 नवंबर रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी
6 नवंबर धनतेरस
7 नवंबर काली चौदस
8 नवंबर दीपावली
9 नवंबर अन्वाधान, कार्तिक अमावस्या
10 नवंबर गोवर्धन पूजा
11 नवंबर भाईदूज
13 नवंबर छठ पूजा (नहाय-खाय/प्रारंभ)
14 नवंबर लाभ पंचमी
15 नवंबर छठ पूजा खरना, स्कंद षष्ठी
16 नवंबर वृश्चिक संक्रांति, जैन अष्टाह्निका प्रारंभ
17 नवंबर गोपाष्टमी, मंडला पूजा प्रारंभ, मासिक दुर्गाष्टमी
18 नवंबर अक्षय नवमी आंवला नवमी
20 नवंबर देवउठनी एकादशी
21 नवंबर तुलसी विवाह, योगेश्वर द्वादशी
22 नवंबर विश्वेश्वर व्रत, रवि प्रदोष व्रत
23 नवंबर बैकुंठ चतुर्दशी, मणिकर्णिका स्नान, कार्तिक
24 नवंबर देव दीपावली, कार्तिक पूर्णिमा, गुरु नानक जयंती, पुष्कर स्नान, भीष्म पंचक समाप्त
25 नवंबर: मार्गशीर्ष (अगहन) मास का प्रारंभ, रोहिणी व्रत जैन इष्टि
27 नवंबर गणाधिप संकष्टी चतुर्थी