सोनू वर्मा, नूंह। जिला नूंह के तावडू क्षेत्र स्थित अल सलाम अस्पताल में कथित मेडिकल लापरवाही का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. राशिद और अन्य अज्ञात सर्जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इलाके में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
गांव चिलावली निवासी कमाल पुत्र सुम्मा ने आरोप लगाया कि वह अपने बेटे को मूत्र मार्ग में फंसी पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए अस्पताल लेकर गया था। लेकिन परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने पथरी निकालने की बजाय मरीज की पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) ही निकाल दी।
इस कथित लापरवाही के बाद मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी जान पर खतरा मंडराने लगा।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बिना बताए मरीज का दूसरा ऑपरेशन भी कर दिया गया। उनका कहना है कि पूरे इलाज के दौरान उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई और कई अहम फैसले उनकी सहमति के बिना लिए गए, जो गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।
मामले की शिकायत स्वास्थ्य विभाग को दी गई, जिसके बाद सीएमओ मांडीखेड़ा द्वारा एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। बोर्ड की जांच रिपोर्ट में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने और अस्पताल रिकॉर्ड में छेड़छाड़ किए जाने की पुष्टि होने से मामला और गंभीर हो गया है।
पीड़ित के अनुसार उसे जांच रिपोर्ट 5 फरवरी 2026 को मिली थी और 6 फरवरी को थाना शहर तावडू में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। हालांकि, काफी समय बाद 20 अप्रैल 2026 को केस नंबर 31 दर्ज किया गया, जिससे कार्रवाई में देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

प्रारंभिक जांच में बिना अनुमति के एक ही समय में दो ऑपरेशन किए जाने की बात भी सामने आई है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यदि आरोप सही साबित होते हैं।
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