नूंह। करवा चौथ के पर्व के दिन नूंह-1 की आंगनवाड़ी वर्करों ने बकाया मानदेय और अन्य भुगतानों की मांग को लेकर कड़ा रुख अपनाया। वर्करों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी वर्करों ने भुगतान प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से इसका स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि विभाग की ओर से बैंक की तकनीकी समस्या के कारण भुगतान अटकने का आश्वासन दिया गया, लेकिन इसके बावजूद वर्कर कार्यालय के गेट पर डटी रहीं।
दूसरे खातों में भुगतान जाने का गंभीर आरोप
यूनियन की जिला कमेटी सचिव नीरज ने मीडिया को जानकारी दी कि जून से दिसंबर 2025 तक का केंद्र वाला मानदेय कई वर्करों के बैंक खातों में नहीं पहुंचा है। जिले के कुल सात ब्लॉकों में से तीन-चार ब्लॉकों की वर्कर इस समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि भुगतान किसी अन्य के खातों में जा रहा है। यूनियन ने विभाग से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और बकाया राशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
ईंधन खर्च और भवन किराए का भी भुगतान अटका
प्रदर्शन के दौरान यूनियन सचिव गीता रानी ने बताया कि केवल मानदेय ही नहीं, बल्कि वर्ष 2018 से 2026 तक का ईंधन खर्च भी लंबित पड़ा है। इसके अलावा निजी भवनों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों का किराया भी पिछले करीब दो साल से नहीं मिला है, जिससे वर्करों को भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले में डीपीओ सीमा प्रसाद ने बताया कि बैंक की तकनीकी दिक्कतों के कारण कुछ भुगतान अटके हुए हैं। इस संबंध में रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और जल्द से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, प्रदर्शनकारी वर्करों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 5 नवंबर तक बकाया भुगतान उनके खातों में नहीं आया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेंगी।
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