हरियाणा के नूंह जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लोगों को सस्ते आईफोन का लालच देने और फर्जी बैंक पेमेंट मैसेज भेजकर ठगने वाले एक वांछित अपराधी को दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं।
नूंह। जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए सस्ते आईफोन का झांसा देने और नकली बैंक पेमेंट मैसेज भेजकर मासूम लोगों को ठगने वाले एक वांछित साइबर अपराधी को दबोच लिया है। पुलिस टीम द्वारा पकड़े गए इस शातिर जालसाज की पहचान मुल्थान गांव निवासी अखलाक अहमद के रूप में हुई है। यह आरोपी लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और अलग-अलग तरीकों से लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ा रहा था। Nuh Cyber Fraud Arrest के इस मामले में पुलिस ने जालसाज के पास से एक आधुनिक मोबाइल फोन और दो सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनमें से एक सिम कार्ड फर्जी पहचान पत्र के आधार पर लिया गया था।
फर्जी मैसेज भेजकर करता था गुमराह
इस शातिर अपराधी के तौर-तरीकों का पर्दाफाश करते हुए नूंह पुलिस ने बताया कि आरोपी अखलाक अहमद लोगों को उनके बैंक खाते में पैसे जमा होने का एक हूबहू फर्जी मैसेज भेजता था। इसके बाद वह पीड़ितों को फोन करके यह झांसा देता था कि गलती से बड़ी रकम उनके खाते में ट्रांसफर हो गई है। वह लोगों से इस पैसे को वापस भेजने की मिन्नतें करता था और जैसे ही लोग झांसे में आकर रकम लौटाते थे, वे ठगी का शिकार हो जाते थे। इसके अलावा वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बेहद सस्ते दामों में आईफोन बेचने के लुभावने और फर्जी विज्ञापन भी पोस्ट करता था।
एडवांस पेमेंट लेकर होता था फरार
इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर जब कोई ग्राहक मोबाइल खरीदने के लिए उससे संपर्क करता था, तो आरोपी उससे एडवांस बुकिंग, कोरियर डिलीवरी चार्ज और अन्य टैक्स के नाम पर किश्तों में मोटी रकम वसूल लेता था। पैसे मिलने के बाद वह ग्राहकों को कभी मोबाइल डिलीवर नहीं करता था और नंबर ब्लॉक कर देता था। ठगी की यह पूरी रकम सीधे आरोपी के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर होती थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बरामद किए गए मोबाइल नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से ही कुल पांच गंभीर शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें करीब 1.50 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।
साइबर नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से खुद तैयार किए गए कई फर्जी टेक्स्ट मैसेज और आईफोन की भ्रामक तस्वीरें भी मिली हैं, जिनका उपयोग वह लोगों को जाल में फंसाने के लिए करता था। सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पकड़े गए आरोपी को आगे की रिमांड और पूछताछ के लिए साइबर क्राइम थाना नूंह के हवाले कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन अब इस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-से अपराधी शामिल हैं और आरोपी ने अब तक देश भर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

