नूंह पुलिस ने जिले में सक्रिय साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चलाकर दिलशाद, लुकमान, तोहिद और रहीश को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी संदेशों और सोशल मीडिया के जरिए ठगी करते थे।

सोनू वर्मा, नूंह। साइबर थाना पुलिस ने जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग मामलों में चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलशाद, लुकमान, तोहिद और रहीश के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड, संदिग्ध व्हाट्सएप चैट, क्यूआर कोड, फर्जी भुगतान संदेश और साइबर ठगी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस के अनुसार पहला मामला पुन्हाना क्षेत्र का है। साइबर अपराध रोकथाम अभियान के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव गोधोला निवासी दिलशाद और लुकमान मोबाइल फोन के जरिए लोगों को फर्जी रुपये जमा होने के संदेश भेजकर ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने खेतों में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन और कई फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए। जांच में मोबाइल फोन से संदिग्ध व्हाट्सएप चैट, फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट, क्यूआर कोड और साइबर ठगी से जुड़ी सामग्री मिली। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे और ठगी की रकम अलग-अलग खातों में डलवाई जाती थी।

दूसरे मामले में थाना साइबर क्राइम नूंह पुलिस ने पिनगवां क्षेत्र निवासी तोहिद को गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी लोगों से परिचय बढ़ाकर उन्हें झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी करता है। कार्रवाई के दौरान आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड, फर्जी भुगतान संदेश और संदिग्ध डिजिटल सामग्री बरामद हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लोगों को फर्जी क्रेडिट मैसेज भेजकर रकम ऐंठता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के मोबाइल नंबर के खिलाफ साइबर शिकायत भी दर्ज पाई गई है।

तीसरे मामले में पुलिस ने रहीश नामक आरोपी को गिरफ्तार किया, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुराने सिक्के और पुरानी करेंसी खरीदने-बेचने के नाम पर लोगों को ठगता था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन और संदिग्ध सिम कार्ड बरामद किए। जांच के दौरान मोबाइल फोन में पुराने सिक्कों की तस्वीरें, संदिग्ध लेनदेन से संबंधित फोटो, क्यूआर कोड और लोगों को झांसे में लेने वाली बातचीत मिली। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी पहचान बनाकर लोगों से ऑनलाइन पैसे ठगता था और सोशल मीडिया के जरिए अपना नेटवर्क चला रहा था।

कृष्ण कुमार ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ जिले में लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, क्यूआर कोड या ऑनलाइन लेनदेन पर बिना जांच भरोसा न करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन और स्थानीय पुलिस से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा है।