Automobile Desk : देशभर में सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता विकल्प होने की वजह से लोग बड़े पैमाने पर सीएनजी कारों का चुनाव कर रहे हैं। हालांकि, इसे भरवाते समय बरती गई थोड़ी सी भी अनदेखी बड़े हादसे में बदल सकती है। हाल ही में गुजरात के करजन में नेशनल हाईवे-48 पर मौजूद एक सीएनजी स्टेशन पर रिफ्यूलिंग के दौरान कार में अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया। इस धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि गाड़ी का सीएनजी टैंक फटने के साथ उसके परखच्चे और शीशे दूर-दूर तक जा गिरे। इस घटना ने एक बार फिर से सभी वाहन चालकों को सतर्क रहने का स्पष्ट संदेश दिया है।

सीएनजी स्टेशन पर गैस भरवाते समय कुछ बुनियादी गाइडलाइंस का पालन करना बेहद जरूरी होता है। सबसे पहला और अहम नियम यह है कि जब भी आपकी गाड़ी में गैस भरी जा रही हो, तो चालक समेत सभी यात्रियों को वाहन से बाहर आ जाना चाहिए। गैस भरते वक्त कार के अंदर बैठे रहना जोखिम भरा साबित हो सकता है। रिफ्यूलिंग के समय हमेशा पंप और कार से थोड़ी दूरी बनाकर खड़ा होना सुरक्षित रहता है।
इसके अलावा, गैस भरवाने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले गाड़ी का इंजन पूरी तरह से बंद कर देना अनिवार्य है। इंजन बंद करने के साथ ही कार के अंदर चल रहे एसी, म्यूजिक सिस्टम, हेडलाइट्स और मोबाइल चार्जर जैसे सभी इलेक्ट्रिकल डिवाइस को भी बंद रखें। रिफ्यूलिंग के दौरान किसी भी तरह का छोटा सा स्पार्क या चिंगारी एक बड़ी अनहोनी की वजह बन सकती है, इसलिए किसी भी गैर-जरूरी उपकरण को चालू रखने से बचें।
गाड़ी में सीएनजी हमेशा रजिस्टर्ड और भरोसेमंद स्टेशनों से ही भरवानी चाहिए, जहां सुरक्षा मानकों का नियमित रूप से पालन होता हो। महज लाइन से बचने या समय बचाने के चक्कर में किसी असुरक्षित या संदिग्ध जगह से गैस भरवाने का जोखिम कभी न उठाएं। अगर आपकी कार में कंपनी फिटेड के बजाय बाहर से (आफ्टरमार्केट) सीएनजी किट लगी हुई है, तो उसकी पाइपलाइन, रेगुलेटर और फिटिंग्स की समय-समय पर अधिकृत वर्कशॉप से जांच कराते रहना जरूरी है।
सीएनजी सिलेंडर की वैधता और उसका अनिवार्य हाइड्रो टेस्ट कराना बेहद आवश्यक होता है। निर्धारित समय बीत जाने के बाद सिलेंडर का बिना जांच के इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। गैस भरवाते समय अगर आपको नोजल या पाइप से किसी तरह के रिसाव या असामान्य आवाज का अहसास हो, तो खुद उसमें उलझने के बजाय तुरंत वहां मौजूद स्टाफ को जानकारी दें। साथ ही, पंप परिसर के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से पूरी तरह परहेज करें।

