भुवनेश्वर। ओडिशा के गंजाम जिले के गिदिपाबली गांव में हुई भीषण भूस्खलन त्रासदी, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लापता हैं, के बाद राज्य सरकार ने बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने घोषणा की है कि सरकार पहाड़ी ढलानों और तलहटी में खतरनाक इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने के लिए एक व्यापक पुनर्वास योजना पर काम कर रही है।

मंत्री के अनुसार, प्रशासन ने कंधमाल और गजपति जिलों में कई ऐसे सौ क्षेत्रों की पहचान की है जो भूस्खलन की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील हैं। इस रणनीति के तहत, इन Danger Zones में रहने वाले सभी परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा। सरकार की इस योजना के तहत प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित और स्थिर जमीन पर नई बस्तियां बसाई जाएंगी तथा पक्के मकान बनाए जाएंगे।

उन सभी लोगों की पहचान के लिए विस्तृत गिनती शुरू कर दी गई है जो पहाड़ी की चोटियों या पहाड़ियों के नीचे निचले इलाकों में रहते हैं और भूस्खलन के खतरे का सामना कर रहे हैं। इस आकलन से विस्थापन के पैमाने और आवश्यक पुनर्वास सहायता का सही अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।

मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अधिकारियों की एक विशेष टीम ने वहां अपनाए जाने वाले सर्वोत्तम तरीकों और भूस्खलन से निपटने के उपायों का अध्ययन करने के लिए पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा किया था।

गौरतलब है कि हाल ही में हुए भूस्खलन ने गिदिपाबली गांव को पूरी तरह से तबाह कर दिया था, जहां 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 11 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों के परिजनों ने हाल ही में अपनी परंपरा के अनुसार उनके प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद सरकार अब यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी किसी भी प्राकृतिक आपदा से जन-धन की भारी हानि को रोका जा सके।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H