Dharm Desk – हिंदू परंपरा में भगवान श्री गणेश की पूजा के बिना कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ नहीं होते। गणपति जी अपने भक्तों के सभी दुख संकट और विघ्नों को हर लेते हैं। गणपति जी की पूजा में दूर्वा घास का प्रयोग सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। सही विधि-विधान और शुद्ध भाव से दूर्वा अर्पित करने से भगवान गणेश बहुत जल्दी अति शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्त की हर मनोकामना पूरी करते हैं। इसलिए सही विधि और नियमों से की गई गणपति पूजा जीवन की कई बड़ी परेशानियों को समाप्त कर सकती है।

समस्या के अनुसार गणेश जी को अर्पित करें दूर्वा
- कार्य में सफलता और अड़चनों से मुक्ति – यदि किसी भी कार्य में लगातार असफलता मिल रही हो या बनते हुए काम बिगड़ जाते हों तो प्रतिदिन दो दूर्वा पर इत्र छिड़क कर गणपति जी को अर्पित करें। इस उपाय से कार्य क्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं।
- घर-संपत्ति में बढ़ेगा लाभ – यदि आप अपना खुद का मकान बनाने की कोशिश कर रहे हैं और उसमें बार-बार समस्या आ रही हैं। तो गणपति जी के सामने हरे रंग के धागे से दूर्वा की एक माला बनाकर चढ़ाएं। ऐसा करने से गृह निर्माण और संपत्ति से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं।
- संतान से जुड़ी मनोकामना – इच्छुक दंपतियों के लिए गणेश जी की आराधना बहुत फलदायी मानी गई है। यदि पूरे श्रद्धा भाव और नियम से 21 दिनों तक लगातार गणपति जी को कुमकुम लगाकर दूर्वा चढ़ाई जाए तो संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है।
- राहु और केतु की शांति के लिए – अगर जीवन में राहु या केतु ग्रह के कारण परेशानियां और तनाव बना हुआ है। तो 11 या 21 दूर्वा का मुकुट बनाकर गणेश जी को पहनाएं। मुकुट बनाकर अर्पित करने से ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव खत्म होता है और जीवन में स्थिरता आती है।
- समृद्धि और खुशहाली के लिए – सुखी समृद्ध और खुशहाल जीवन के लिए 21 दिनों तक लगातार 11 दूर्वा हल्दी के पानी में डुबोकर विघ्नहर्ता गणेश जी को चढ़ानी चाहिए। हल्दी और दूर्वा का यह संयोजन घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि करता है।


