हेमंत शर्मा, इंदौर। गांधी जयंती के मौके पर इंदौर के रीगल चौराहे पर बेटियों ने अपने अधिकारों को लेकर अलग अंदाज में आवाज बुलंद की। गांधी प्रतिमा के सामने ‘न्यायाग्रह’ का आयोजन किया गया, जिसमें बेटियों ने खुद को जंजीरों से बांधकर समाज और व्यवस्था के सामने सवाल रखा—अगर सुरक्षा के नाम पर आजादी ही सीमित कर दी जाए, तो फिर यह कैसी सुरक्षा? कार्यक्रम में महिलाओं की स्वतंत्रता, सम्मान और सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी गई। जंजीरों में बंधी बेटियों का यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन लोगों का ध्यान खींचता नजर आया।
जंजीरें बनीं सवाल… ‘बेटियों पर ही बंदिश क्यों?’
‘न्यायाग्रह’ में बेटियों ने प्रतीकात्मक रूप से खुद को जंजीरों में बांधा। इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनके पहनावे, आने-जाने, घर से बाहर निकलने और व्यक्तिगत फैसलों पर लगातार प्रतिबंध लगाना समाधान नहीं हो सकता।प्रदर्शन का सवाल था कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों का जवाब उनकी स्वतंत्रता सीमित करना क्यों हो?
प्रकाम्या परमार बोलीं- सुरक्षा का मतलब कैद नहीं
कार्यक्रम में प्रकाम्या परमार ने कहा कि महिलाओं और बेटियों के साथ होने वाले अपराधों का समाधान उनकी आजादी पर रोक लगाना नहीं है।उन्होंने कहा कि जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जहां बेटियां बिना डर पढ़ सकें, काम कर सकें, अपने सपनों को पूरा कर सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें।उनके मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर अगर उनके अधिकार और स्वतंत्रता ही सीमित कर दी जाए, तो समस्या का समाधान नहीं होगा।
गांधी के सत्याग्रह से ‘न्यायाग्रह’ तक
गांधी जयंती के दिन आयोजित यह कार्यक्रम सत्याग्रह की भावना से प्रेरित ‘न्यायाग्रह’ के रूप में पेश किया गया।आयोजकों ने प्रतीकात्मक जंजीरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि महिलाओं को सुरक्षा चाहिए, लेकिन ऐसी सुरक्षा नहीं जिसमें उनकी आजादी ही खत्म हो जाए।कार्यक्रम के दौरान बेटियों के अधिकार, सम्मान और भयमुक्त जीवन की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
‘न्याय चाहिए, बंदिशें नहीं’
रीगल चौराहे पर हुए इस प्रदर्शन का संदेश दो पंक्तियों में समेटा गया- “न्याय चाहिए, बंदिशें नहीं। बेटियां बंद नहीं, बेख़ौफ़ चाहिए।” गांधी जयंती के मौके पर आयोजित इस ‘न्यायाग्रह’ के जरिए बेटियों ने यह सवाल सार्वजनिक बहस के केंद्र में रखने की कोशिश की कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी व्यवस्था की है या उसकी कीमत बेटियों की स्वतंत्रता से वसूली जाएगी?

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

