Lifestyle Desk : बुध को बुद्धि, वाणी, शिक्षा और व्यापार का कारक ग्रह मानते है। 3 नवंबर को सुबह 5:53 बजे बुध वक्री अवस्था में पुनः स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करने वाले हैं। इस नक्षत्र में वे 25 नवंबर तक रहेंगे। इसके बाद विशाखा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस अवधि में बुध तुला राशि में ही विराजमान रहेंगे। बुध 13 नवंबर को मार्गी होंगे।

वक्री अवस्था में क्यों बदलेंगे नक्षत्र?

बुध ने अक्टूबर में स्वाति नक्षत्र से विशाखा नक्षत्र में प्रवेश किया था। वक्री गति के कारण अब वे पीछे की ओर बढ़ते हुए फिर स्वाति नक्षत्र में आएंगे। स्वाति नक्षत्र को स्वतंत्रता, नए विचारों और गतिशीलता से जोड़कर देखा जाता है। बुध का यह गोचर व्यापार, संवाद और निर्णय लेने जैसे विषयों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।

इन 3 राशियों को मिलेंगे लाभ के अवसर

1.मिथुन राशि
बुध मिथुन राशि के स्वामी हैं। इस अवधि में पढ़ाई, लेखन, संवाद और व्यावसायिक योजनाओं से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कामों की समीक्षा करने और पुरानी योजनाओं को नए सिरे से शुरू करने के लिए समय उपयोगी हो सकता है।महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करना जरूरी रहेगा।

2.कन्या राशि
कन्या राशि के स्वामी भी बुध हैं। इस गोचर के दौरान नौकरी व्यापार और आर्थिक योजनाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक अवसर मिल सकते हैं। अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने और कार्यक्षेत्र में कौशल दिखाने का मौका मिल सकता है। निवेश या बड़े आर्थिक फैसलों में जल्दबाजी से बचना और दस्तावेजों की जांच करना जरूरी रहेगा।

3.तुला राशि
बुध तुला राशि में ही गोचर करेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए संवाद, संपर्क और व्यावसायिक संबंधों से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने का समय हो सकता है। पुराने संपर्कों से लाभ के अवसर मिल सकते हैं और अधूरे काम आगे बढ़ सकते हैं। साझेदारी में स्पष्टता रखना और किसी भी समझौते की शर्तों को ध्यान से पढ़ना फायदेमंद रहेगा।

बुध के गोचर के दौरान बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करना चाहिए और उन्हें दूर्वा अर्पित करें। इस समय हरी मूंग का दान करना गाय को हरा चारा खिलाना और ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। इन उपायों को श्रद्धापूर्वक करने से बुध की अनुकूलता की कामना की जाती है।