कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां सैनी कॉलोनी इलाके में एक कथित डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने के कारण डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे की जान चली गई। मृतक बच्चे की पहचान दैविक के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बच्चे की मौत के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कॉलोनी में क्लिनिक चलाने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर ने इलाज के नाम पर बच्चे को गलत भारी डोज दे दी, जिससे उसकी जान चली गई। वारदात के बाद से आरोपी क्लिनिक संचालक मौके से फरार है।

फोड़े का इलाज कराने क्लिनिक लेकर गए थे दादा, डॉक्टर ने कहा लगाना पड़ेगा इंजेक्शन

मिली जानकारी के मुताबिक, दैविक के घुटने में एक छोटा सा फोड़ा यानी फुंसी हो गई थी। बीती 15 जून की शाम को बच्चे के दादा कर्मचंद उसे कॉलोनी के ही एक स्थानीय क्लिनिक में दवा दिलाने के लिए लेकर गए थे। वहां मौजूद क्लिनिक संचालक राकेश कुमार ने फोड़े को देखा और कहा कि इसमें छोटा सा कट यानी चीरा लगाना पड़ेगा। डॉक्टर ने दादा से कहा कि चीरा लगाने से पहले बच्चे को दर्द न हो, इसलिए सुन करने का एक इंजेक्शन लगाना जरूरी है।

इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत, डॉक्टर ने घबराकर लगा दिया दूसरा टीका

दादा कर्मचंद ने पुलिस को बताया कि डॉक्टर ने जैसे ही मासूम दैविक को पहला इंजेक्शन लगाया, वैसे ही कुछ ही मिनटों में बच्चे के शरीर में ऐंठन होने लगी और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चा लगातार तड़पने लगा तो आरोपी डॉक्टर बुरी तरह घबरा गया। अपनी गलती छुपाने के लिए उसने आनन-फानन में बच्चे को एक और दूसरा इंजेक्शन ठोक दिया। दूसरा टीका लगते ही डेढ़ साल का मासूम दैविक पूरी तरह बेहोश हो गया और उसकी सांसें उखड़ने लगीं।

प्राइवेट अस्पताल के गेट पर दादा-पोते को लावारिस छोड़कर भागा आरोपी

बच्चे को बेसुध हालत में देखकर आरोपी डॉक्टर के हाथ-पैर फूल गए। वह तुरंत बच्चे और उसके दादा को अपनी स्कूटी पर बिठाकर पचास फुटा रोड पर स्थित एक बड़े प्राइवेट अस्पताल लेकर गया। लेकिन हद तो तब हो गई जब आरोपी डॉक्टर पकड़े जाने के डर से बुजुर्ग दादा और मरणासन्न बच्चे को अस्पताल के मुख्य गेट पर ही लावारिस हालत में छोड़कर अपनी स्कूटी लेकर रफूचक्कर हो गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत बच्चे को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया।

तीन अस्पतालों में बदला गया इलाज, पीजीआई चंडीगढ़ में मासूम ने तोड़ा दम

घटना की जानकारी मिलते ही बच्चे के पिता गुरदीप सिंह, जो रेलवे रोड पर बिजली मैकेनिक का काम करते हैं, परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे। कुरुक्षेत्र के पहले अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल रेफर (Refer) किया गया। दो दिनों तक कुरुक्षेत्र में इलाज चलने के बाद भी जब दैविक की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो 17 जून को उसे बेहद गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) भेजा गया। वहां डॉक्टरों की भारी कोशिशों के बावजूद मासूम दैविक को बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुरुक्षेत्र पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत पर आरोपी डॉक्टर राकेश कुमार के खिलाफ लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।