कुंदन कुमार, पटना। शहर के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सूबे की सियासत का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां सभी प्रमुख दल मैदान में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पसीना बहा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी रणनीति के तहत हर उस सियासी समीकरण को साधने में जुटी है, जिसकी जरूरत चुनावी समर में महसूस की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रणनीतिकार प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने के बाद से उपजे राजनीतिक माहौल के मद्देनजर भाजपा किसी भी मोर्चे पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इसी कड़ी में अब क्षेत्रीय और छोटे दलों का समर्थन हासिल करने का सिलसिला भी तेज हो गया है।
निषाद सेना ने किया भाजपा को समर्थन का ऐलान
इसी सियासी सरगर्मी के बीच आज निषाद सेना ने आधिकारिक तौर पर भाजपा को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इस समर्थन के बाद बांकीपुर उपचुनाव में एनडीए गठबंधन की स्थिति और अधिक मजबूत होती नजर आ रही है। राजधानी पटना में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान निषाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश निषाद ने भाजपा के पक्ष में खुलकर बैटिंग की।
उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर जुब्बा साहनी विश्वविद्यालय बनाने की ऐतिहासिक घोषणा की है, जो न केवल उनके समाज के लिए बल्कि पूरे राज्य के स्वाभिमान के लिए बेहद गर्व की बात है। मुकेश निषाद ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से शोषित, वंचित और निषाद समाज के उत्थान के बारे में सोचती आई है और धरातल पर काम भी कर रही है।
नितिन नवीन और सम्राट चौधरी की नीतियों पर जताया भरोसा
निषाद सेना प्रमुख ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पार्टी लगातार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चल रही है। इसी से प्रभावित होकर निषाद सेना ने यह निर्णय लिया है कि इस बार के उपचुनाव में उनका पूरा समर्थन भाजपा के साथ रहेगा।
उन्होंने ऐलान किया कि चुनाव के दौरान निषाद सेना का प्रत्येक कार्यकर्ता जमीन पर उतरकर पूरी निष्ठा के साथ काम करेगा और भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार नीरज सिन्हा के हाथ को मजबूत करेगा। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर भाजपा की जनहितकारी नीतियों और योजनाओं का प्रचार करें ताकि पार्टी उम्मीदवार को ऐतिहासिक मतों से विजयश्री मिल सके।


