मेहसाणा। देश के प्रमुख ऑनशोर तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल ओएनजीसी मेहसाणा एसेट ने अब तक 96.03 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल का उत्पादन कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह संस्थान ओएनजीसी के कुल ऑनशोर तेल उत्पादन में एक-तिहाई से अधिक का योगदान देता है। देश में जहां 87 फीसदी कच्चा तेल आयात किया जाता है, वहीं मेहसाणा एसेट 10 बड़े और 11 छोटे तेल क्षेत्रों में काम करते हुए देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में जुटी है।
तकनीकी बुनियादी ढांचे के मामले में मेहसाणा एसेट के पास 11 ड्रिलिंग रिग, 39 इंस्टॉलेशन कॉम्प्लेक्स, 20 वर्कओवर रिग और लगभग 4,700 किलोमीटर लंबा व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क मौजूद है। इसे एन्हांस्ड ऑयल रिकवरी (ईओआर) के एक प्रमुख केंद्र के रूप में पहचाना जाता है। यहाँ इन-सीटू कम्बशन और आधुनिक रासायनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे हल्के से लेकर भारी कच्चे तेल का कुशलतापूर्वक निष्कर्षण संभव होता है। इन उन्नत तकनीकों की मदद से पुराने तेल भंडारों से भी लगातार उत्पादन बनाए रखने में मदद मिल रही है।
उत्पादन के साथ-साथ यह संस्थान सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। क्षेत्र के किसानों के कल्याण के लिए जमीन के किराए के मुआवजे के रूप में हर साल लगभग 92 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है, जिससे करीब 10,500 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘खेड़ूत सहयोग केंद्र’ की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से अब तक 5 हजार शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, खेतों में तेल रिसाव से प्रभावित मिट्टी का उपचार कर उसे अधिक उपजाऊ बनाकर लौटाने की योजना पर भी काम जारी है।
पर्यावरण संरक्षण और युवाओं को रोजगार देने के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2025 में विभिन्न योजनाओं के तहत 200 युवाओं को इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसर दिए गए। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 121 डीजल वाहनों की जगह सीएनजी वाहन शामिल किए गए हैं और 715 किलोवाट क्षमता का ग्रिड-संबद्ध सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। साथ ही सघन वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक
छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें

