लखनऊ. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच सुभासपा अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. राजभर ने अपनी पार्टी के विधायकों अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय को लेकर दावा किया कि दोनों चुनाव जीतने के बाद से ही सपा के साथ रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों ने सुभासपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव जरूर लड़ा, लेकिन उनके साथ सपा का जुड़ाव बना रहा.

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‘जीते तब ही से सपा के हैं’

ओपी राजभर ने कहा कि अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय चुनाव जीतने के बाद से ही सपा के साथ हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने सुभासपा का सिर्फ चुनाव चिह्न इस्तेमाल किया था. राजभर के मुताबिक, दोनों विधायक सपा के झंडे और संगठन के साथ सक्रिय रहे हैं.

‘अखिलेश ने हमें 16 सीटों के नाम पर दिया धोखा’

राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन के दौरान सुभासपा को 16 सीटें दी गई थीं, लेकिन इनमें 12 सीटों पर सपा के उम्मीदवारों को सुभासपा के सिंबल पर चुनाव लड़ाया गया. उन्होंने इसे अखिलेश यादव की ‘धोखेबाजी’ और ‘चार सौ बीसी’ बताते हुए आरोप लगाया कि उम्मीदवारों का राजनीतिक जुड़ाव सपा से ही रहा.

अब्बास की अखिलेश से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा

यह बयान ऐसे समय आया है जब अब्बास अंसारी ने हाल ही में लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात की है. इसके बाद यूपी की सियासत में दोनों दलों के बीच संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हुई है. राजभर ने कहा है कि दोनों विधायक सपा के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट कर सकते हैं.

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राज्यसभा चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गतिविधियां तेज हैं. सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है. ऐसे में अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय को लेकर राजभर का बयान चुनावी समीकरणों की चर्चा के बीच आया है