अमित पांडेय, खैरागढ़। खैरागढ़ जिले में पुलिस का मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। “ऑपरेशन मुस्कान” और “ऑपरेशन तलाश” के तहत पुलिस ने अब तक 29 गुमशुदा लोगों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया है, इनमें 8 नाबालिग बच्चे और 21 अन्य गुमशुदा व्यक्ति शामिल हैं।

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1 अप्रैल से शुरू हुआ “ऑपरेशन मुस्कान” और “ऑपरेशन तलाश” अभियान पूरे महीने तक चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि पुलिस की टीम सिर्फ जिले तक सीमित नहीं रही, बल्कि छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों तक पहुंचकर गुमशुदा लोगों की तलाश में जुटी रही। थाना स्तर पर भी लगातार मेहनत की गई।

खैरागढ़ थाना क्षेत्र से 1 नाबालिग बच्ची और 3 गुमशुदा व्यक्ति मिले। छुईखदान और गंडई थाना क्षेत्रों में 3-3 बच्चियों सहित 8-8 लोगों को ढूंढा गया। वहीं साल्हेवारा से 1 बच्ची, और ठेलकाडीह व गातापार थाना क्षेत्रों से 1-1 गुमशुदा व्यक्ति को सुरक्षित वापस लाया गया।

इन सबके पीछे पुलिस की लगातार निगरानी, तकनीकी मदद और टीमवर्क का बड़ा योगदान रहा। हर केस को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग जगहों पर खोजबीन की गई, तब जाकर यह सफलता मिली।सबसे खास पल वह रहा, जब लंबे समय से बिछड़े लोग अपने परिवार से मिले। किसी मां की आंखों में आंसू थे, तो कहीं बच्चे अपने परिजनों से लिपटकर खुशी जाहिर कर रहे थे। इन भावुक पलों ने पूरे माहौल को खुशियों से भर दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन मुस्कान” और “ऑपरेशन तलाश” आगे भी जारी रहेगा। कोशिश है कि जितने भी गुमशुदा लोग हैं, उन्हें जल्द से जल्द ढूंढकर सुरक्षित उनके घर पहुंचाया जाए। यह अभियान सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि इंसानियत और जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आया है।