Bilaspur News Update : बिलासपुर. रतनपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे स्थित नवापारा चौक के पास शुक्रवार सुबह पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा से भरी कार को पकड़ लिया. कार्रवाई में करीब 245 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया और मध्यप्रदेश निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के अनुसार, सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर एसीसीयू और रतनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना प्रभारी अंशिका जैन के नेतृत्व में नवापारा चौक (भेड़ीमुंडा) के पास घेराबंदी की. इस दौरान कटघोरा की ओर से आ रही संदिग्ध कार (क्र. सीजी 04, ओडी-7255) को रोकने का प्रयास किया गया. चालक द्वारा भागने की कोशिश करने पर पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को कड़ी मशक्कत के बाद रोका. वाहन की तलाशी लेने पर उसमें पैकेटों में भरा 245 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ. कार में सवार आरोपी अमित कुमार केंवट (33 वर्ष), निवासी भुतहीटोला, थाना बुढ़ार, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश) को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कटघोरा से गांजा लेकर मध्यप्रदेश जा रहा था. आरोपी के खिलाफ रतनपुर पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है. यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नुपुर उपाध्याय के निर्देशन में की गई.

वनरक्षक ने वनपाल पर लगाए गंभीर आरोप
बिलासपुर. वन विभाग के बिलासपुर वनमंडल में विभागीय विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक वनरक्षक ने अपने ही वरिष्ठ वनपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वनरक्षक सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है. 2026 की शाम वनपाल लोकमणी त्रिपाठी ने वनरक्षक को फोन कर कथित रूप से गाली-गलौज की और धमकी दी. बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान पहले एसडीओ के निवास से जुड़े एक मुद्दे पर विवाद शुरु हुआ, जो बाद में बढ़ता चला गया. वनरक्षक का आरोप है कि इस दौरान वनपाल ने अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें नौकरी से निकलवाने तक की धमकी दी. मामले की एक वजह हाल ही में हुई बीट जांच को भी बताया जा रहा है. वनरक्षक का कहना है कि जांच से जुड़े सभी बिंदुओं का दोष उन पर डाला जा रहा था. जिसे लेकर दोनों के बीच पहले से ही तनाव था. इसी मुद्दे पर फोन पर हुई बातचीत के दौरान विवाद और अधिक बढ़ गया. मामले में डीएफओ नीरज कुमार ने कहा कि वनपाल के खिलाफ शिकायत मिली है. जांच के लिए एक टीम गठित कर दी है. जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.
ट्रेलर ने गर्भवती को रौंदा
खरसिया. भूपदेवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिंघनपुर में आज एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है. एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित कोयला लोड ट्रेलर ने स्कूटी सवार परिवार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्कूटी पर सवार 33 वर्षीय गर्भवती महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. मृतका की पहचान स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उमा राठिया के रूप में हुई है. गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया है. इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उमा राठिया अपने पति और बच्चे के साथ स्कूटी पर सवार होकर जा रही थीं. इसी दौरान सिंघनपुर के पास कोयला लेकर जा रहे ट्रेलर क्रमांक सीजी-13-एडी-2483 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि उमा राठिया सीधे ट्रेलर के भारी-भरकम पहियों की जद में आ गईं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. हादसे में उनकी स्कूटी के भी परखच्चे उड़ गए हैं. स्कूटी पर सवार मृतका के पति और मासूम बच्चे को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक मौके पर ही वाहन छोड़कर फरार हो गया. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. आक्रोशित ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पर लगाम लगाने की मांग को लेकर सड़क को दोनों ओर से घेर लिया है. ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हादसे और चक्काजाम की सूचना मिलते ही खरसिया एसडीओपी प्रभात पटेल और भूपदेवपुर थाना प्रभारी संजय नाग पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस अधिकारी प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को शांत कराने और सड़क से जाम हटाने के लिए लगातार समझाइश दे रहे हैं, लेकिन ग्रामीण प्रशासन से ठोस आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं. पुलिस ने मृतका के शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रेलर चालक की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
श्मशान भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
सक्ती. जिले के बाराद्वार तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत जर्वे में श्मशान भूमि को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है. ग्रामीणों ने इस संबंध में तहसीलदार बाराद्वार को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की है. ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि खसरा नंबर 314 के आसपास सड़क के दक्षिण दिशा स्थित भूमि को श्मशान भूमि के रूप में चिन्हित किया गया है, लेकिन वर्तमान में उक्त स्थल ग्रामीणों के उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है. इसके कारण लोगों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि श्मशान भूमि उपलब्ध नहीं होने के चलते उन्हें मुख्य मार्ग के किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि अनुचित भी है. इससे आमजन को भी परेशानी होती है और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में पूर्व में 20 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत हल्का पटवारी से प्रतिवेदन मांगा गया था. साथ ही खसरा नंबर 459 एवं 460 के संबंध में भी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की गई है, लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है. चिन्हित श्मशान भूमि का सार्वजनिक उपयोग सुनिश्चित करने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकारी श्मशान भूमि का निजी उपयोग किया जा रहा है जो कि गलत है जिसका सार्वजनिक और निर्विवाद उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो. उन्होंने प्रशासन से इस जनहित के मुद्दे पर त्वरित और ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया है. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह मामला सीधे जनहित से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए. ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आगे आंदोलन के लिए बाध्य हो सकते हैं.
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