उत्तर प्रदेश सरकार ने विकास प्राधिकरण और आवास एवं विकास परिषद की संपत्तियों के बकाएदार आवंटियों के लिए OTS योजना में आवेदन की अवधि बढ़ा दी है. अब पात्र बकाएदार 15 दिसंबर तक आवेदन कर सकेंगे.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरण और आवास एवं विकास परिषद की संपत्तियों के बकाएदार आवंटियों को सरकार ने राहत दी है. एकमुश्त समाधान योजना (OTS) के तहत आवेदन करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई है. इससे पहले तय अवधि में आवेदन नहीं कर पाने वाले बकाएदारों को अब एक और अवसर मिलेगा.

किन्हें मिलेगा लाभ

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद के मुताबिक योजना का लाभ आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के बकाएदारों के साथ मानचित्र से जुड़े बकाएदार भी उठा सकेंगे. योजना के तहत बकाएदार आवंटियों को दंड और ब्याज से राहत मिलेगी, जबकि बकाया राशि का भुगतान साधारण ब्याज की दर से करना होगा.

15 दिसंबर तक आवेदन

प्रमुख सचिव की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, 18 अप्रैल से तीन महीने के लिए लागू की गई योजना में जो बकाएदार आवेदन नहीं कर सके थे, वे अब 15 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं. 20 मार्च को जारी शासनादेश के मुताबिक आवेदन के साथ प्रोसेसिंग फीस और प्रारंभिक धनराशि जमा करनी थी और इसकी मूल अंतिम तारीख 18 जुलाई निर्धारित थी.

आवंटी आवास बंधु की वेबसाइट के होमपेज पर उपलब्ध लिंक के जरिए ऑफलाइन के अलावा ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते थे. यह सुविधा योजना की तय तीन महीने की अवधि के दौरान उपलब्ध थी.

कई जिलों से हुई मांग

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़ी संख्या में बकाएदार योजना का लाभ नहीं ले पाए. इसके बाद संबंधित प्राधिकरणों ने शासन से योजना की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था.

एकमुश्त समाधान योजना के दायरे में नीलामी, आवंटन या अन्य किसी माध्यम से आवंटित विभिन्न प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं. इनमें आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के अलावा सरकारी संस्थानों, स्कूलों, चैरिटेबल संस्थाओं और अन्य संगठनों को आवंटित संपत्तियां भी शामिल हैं.