कुमार इंदर, जबलपुर। देश में आगामी त्योहारों के सीजन के दौरान निजी एयरलाइंस द्वारा हवाई किराए में की जा रही भारी बढ़ोतरी को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने केंद्र सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच ने सरकार पर अपनी ही अंडरटेकिंग और वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। मंच का कहना है कि सरकार द्वारा फ्लाइट किराए पर नियंत्रण न रखने के कारण एयरलाइंस को आम यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की खुली छूट मिल गई है।
क्या है सरकार की वादाखिलाफी का मामला?
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अनुसार:
- 2023 का आश्वासन: केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में राज्यसभा में अंडरटेकिंग देते हुए आश्वासन दिया था कि हवाई किराए को नियंत्रित करने के लिए एक ‘टैरिफ मॉनिटरिंग यूनिट’ (Tariff Monitoring Unit) का गठन किया जाएगा।
- 2024 के कानून में पल्ला झाड़ा: हालांकि, वर्ष 2024 में नए नियम बनाते समय सरकार ने खुद को टैरिफ कंट्रोल से पूरी तरह अलग कर लिया।
- विवादित धारा: भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 की धारा 10 की उपधारा 2-सी में स्पष्ट उल्लेख कर दिया गया है कि फ्लाइट टैरिफ पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होगा। इसी धारा के चलते निजी विमानन कंपनियों को हवाई किराए में मनमानी वृद्धि करने का लाइसेंस मिल गया है।
कानून मंत्रालय और DGCA को पत्र, विभिन्न रूट्स पर किराए का डेटा जारी
मंच ने केंद्रीय कानून मंत्रालय और डीजीसीए (DGCA) को पत्र लिखकर इस कानून और आसमान छूते किराए पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंच ने विभिन्न रूट्स पर पिछले वर्षों की तुलना में हुए किराए के अंतर का डेटा साझा करते हुए बताया कि त्योहारों पर किराए में 30% से लेकर 144% तक का भारी उछाल आया है:
| रूट (Flight Route) | पुराना किराया (रु.) | वर्तमान/त्योहार किराया (रु.) | बढ़ोतरी (%) |
| हैदराबाद – पटना | 9,000 | 22,000 | +144.4% |
| मुंबई – वाराणसी | 7,500 | 15,926 | +112.3% |
| बेंगलुरु – वाराणसी | 8,500 | 17,698 | +108.2% |
| बेंगलुरु – पटना | 13,000 | 26,053 | +100.4% |
| बेंगलुरु – दिल्ली | 9,264 | 16,469 | +77.8% |
| मुंबई – पटना | 14,540 | 25,643 | +76.4% |
| मुंबई – दिल्ली | 8,534 | 11,531 | +35.1% |
| दिल्ली – पटना | 11,500 | 19,000 | +30.4% |
हाई कोर्ट में दायर होगी याचिका
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पी. जी. नाजपांडे और सदस्य रजत भार्गव ने बताया कि त्योहारों के समय जब लोग अपने घर पहुँचने की कोशिश करते हैं, तब एयरलाइंस एजेंसियां दोगुना से भी ज्यादा किराया वसूल कर आम यात्रियों की जेब पर डाका डाल रही हैं। सरकार ने जिस प्रकार 2023 में संसद में वादा करके 2024 के एक्ट में खुद को अलग किया है, वह जनता के साथ धोखा है। मंच जल्द ही हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर कर सरकार को उसका पुराना वादा याद दिलाएगा और हवाई किराए की कैपिंग (सीमा तय करने) की मांग करेगा।
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